बनारस से देश को मिलेगी नई सौगात: पीएम मोदी करेंगे वंदे भारत ट्रेनों का शुभारंभ

सीएम योगी ने रेलवे स्टेशन और बरेका गेस्ट हाउस में की तैयारियों की समीक्षा

वाराणसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से देश को नई सौगात देने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री शुक्रवार, 8 नवंबर को बनारस रेलवे स्टेशन से वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इस मौके पर स्टेशन पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा, जिसमें करीब तीन हजार लोग शामिल होंगे।

इससे पहले, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को वाराणसी में तैयारियों का जायजा लिया। दो दिवसीय दौरे के अंतिम दिन मुख्यमंत्री ने बाबा कालभैरव और श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने के बाद बरेका गेस्ट हाउस और बनारस रेलवे स्टेशन का निरीक्षण किया।

मुख्यमंत्री ने रेलवे और जिला प्रशासन के अधिकारियों से सुरक्षा व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान आम यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। अधिकारियों ने उन्हें भीड़ नियंत्रण, बैरिकेडिंग, यातायात संचालन, पार्किंग व्यवस्था और सीसीटीवी, मेटल डिटेक्टर व डॉग स्क्वॉड की तैनाती से जुड़ी तैयारियों की जानकारी दी।

योगी आदित्यनाथ ने मंच, सुरक्षा योजना और आरपीएफ-रेलवे प्रशासन के समन्वय की भी समीक्षा की। उनके साथ वाराणसी के कमिश्नर एस. राजलिंगम, डीआरएम आशीष जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी 7 नवंबर की शाम वाराणसी पहुंचेंगे। वे बाबतपुर एयरपोर्ट से बरेका गेस्ट हाउस आएंगे, जहां वे भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और शहर के प्रबुद्धजनों से मुलाकात करेंगे और यहीं रात्रि विश्राम करेंगे। अगले दिन, 8 नवंबर को वे बनारस रेलवे स्टेशन से नई वंदे भारत ट्रेनों को देश को समर्पित करेंगे और जनता को संबोधित करेंगे।

इस बीच, प्रधानमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था का पूर्वाभ्यास (रिहर्सल) भी पूरा कर लिया गया है। बरेका खेल मैदान में बने तीन हेलीपैडों में से एक पर वायुसेना के हेलीकॉप्टर की ट्रायल लैंडिंग कराई गई। सेना और एसपीजी अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया तथा नेविगेशन उपकरण और आपातकालीन प्रबंधों की जांच की।

वाराणसी में प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर प्रशासन और जनता दोनों में उत्साह का माहौल है। यह दौरा न केवल शहर के लिए गौरव का क्षण होगा, बल्कि देश के रेल नेटवर्क में भी एक नया अध्याय जोड़ेगा।