मस्तुरी गोलीकांड का पुलिस खुलासा! 24 घंटे में सात आरोपी गिरफ्तार, वर्चस्व की लड़ाई बनी मौत की वजह

मस्तुरी गोलीकांड का पुलिस खुलासा! 24 घंटे में सात आरोपी गिरफ्तार, वर्चस्व की लड़ाई बनी मौत की वजह

बिलासपुर पुलिस ने ACCU और थाना मस्तुरी की संयुक्त कार्रवाई में देशी पिस्टल, कारतूस और मोबाइल जब्त किए — पुराने रंजिश और राजनीतिक वर्चस्व के चलते हुई ताबड़तोड़ फायरिंग

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के मस्तुरी में हुए सनसनीखेज गोलीकांड मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा कर दिया है। आरोपियों के कब्जे से देशी पिस्टल, कट्टा, कारतूस, मोबाइल फोन और अन्य आपराधिक सामग्री बरामद की गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि यह हमला पुरानी रंजिश और इलाके में वर्चस्व की लड़ाई के कारण किया गया।

पृष्ठभूमि:
मस्तुरी निवासी नितेश सिंह और आरोपी विश्वजीत अनंत के परिवार के बीच जमीन, अतिक्रमण और राजनीतिक वर्चस्व को लेकर वर्षों से विवाद चल रहा था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कई शिकायतें दर्ज कराई थीं। इसी पुरानी रंजिश को लेकर विश्वजीत अनंत ने अपने भाइयों और साथियों के साथ नितेश सिंह और सहयोगियों की हत्या की साजिश रची।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पहले से नितेश की दिनचर्या और आने-जाने के समय की रेकी की थी। 25 अक्टूबर को भी हमला करने की योजना थी, लेकिन मौके पर भीड़ ज्यादा होने के कारण योजना रद्द कर दी गई।

गोलीकांड की घटना:
28 अक्टूबर की शाम, दो मोटरसाइकिलों पर सवार आरोपी मस्तुरी जनपद पंचायत कार्यालय के सामने नितेश और उसके साथियों पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दिए। घटना में राजू सिंह और चंद्रभान सिंह गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तुरंत अपोलो अस्पताल, बिलासपुर में भर्ती कराया गया। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:
1️⃣ विश्वजीत अनंत (29), मोहतरा
2️⃣ अरमान उर्फ बलमजीत अनंत (29), मोहतरा
3️⃣ चाहत उर्फ विक्रमजीत (19), मोहतरा
4️⃣ मोहम्मद मुस्तकीम उर्फ नफीस (29), भारतीय नगर, बिलासपुर
5️⃣ मोहम्मद मतीन उर्फ मोंटू (22), अटल आवास, कोनी
6️⃣ और 7️⃣ दो किशोर (नाम गोपनीय)

जप्त सामान:
2 देशी पिस्टल, 1 देशी कट्टा, 5 मैगजीन, 4 जिंदा कारतूस, 13 खाली खोखे, 10 बुलेट और 5 मोबाइल फोन। फॉरेंसिक टीम ने खाली खोखे और गोली के छर्रे रायपुर भेजे।

साजिश और पैसों का लेन-देन:
जांच में पता चला कि तारकेश्वर पाटले ने आरोपी विश्वजीत को ₹1 लाख नगद दिए, जो उन्होंने अपने साथियों में “अडवांस” के रूप में बांटा। पुलिस इस फंडिंग और हथियार की खरीद की कड़ी जांच कर रही है।

पुलिस की रणनीति:
एसएसपी रजनेश सिंह के नेतृत्व में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और एसडीओपी कोटा की निगरानी में संयुक्त टीम ने CCTV, तकनीकी सर्विलांस और खुफिया नेटवर्क का इस्तेमाल कर आरोपियों की पहचान की। गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल और बैंक डाटा की भी जांच की जा रही है।

पुलिस का बयान:
एसएसपी रजनेश सिंह ने कहा, “बिलासपुर पुलिस किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी, रंजिश या इलाके में वर्चस्व की लड़ाई को बर्दाश्त नहीं करेगी। ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिले में अवैध हथियार रखने वालों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान भी चलाया जाएगा।”