आधी रात की साजिश! रायगढ़ में पकड़ाया लकड़ी तस्करी का जाल

आधी रात की साजिश! रायगढ़ में पकड़ाया लकड़ी तस्करी का जाल

नहर किनारे ट्रक और स्कॉर्पियो से मिली प्रतिबंधित ‘खैर-तेंदू’ की लकड़ी — एक गिरफ्तार, बाकी फरार… क्या इस रैकेट के पीछे कोई बड़ा नाम छिपा है?

रायगढ़। रात के सन्नाटे में चल रही लकड़ी तस्करी की खौफनाक साजिश को वन विभाग ने नाकाम कर दिया। गुरुवार देर रात रायगढ़ वन परिक्षेत्र के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रजाति की खैर और तेंदू की लकड़ी से लदा एक ट्रक और एक स्कॉर्पियो वाहन पकड़ा गया। मौके से एक आरोपी को हिरासत में लिया गया, जबकि बाकी तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

📍 नहर किनारे छिपाकर रखा गया था ट्रक

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रेंगालपाली सर्किल के कुर्मापाली से गोर्रा के बीच नहर के पास एक ट्रक में लकड़ी लोड होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना मिलते ही रायगढ़ रेंज, उड़नदस्ता और वनकर्मी मौके पर पहुंचे। वहां छुईपारा निवासी महेंद्र यादव (26 वर्ष) मिला, जिसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।

💰 लाखों की लकड़ी, सीधे भेजी गई डिपो

ट्रक में लोड की गई अवैध लकड़ी की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। वन अमले ने जब्त की गई लकड़ी को उर्दना काष्ठागार भेज दिया है।

🚨 स्कॉर्पियो छोड़ भागे तस्कर

जैसे ही वनकर्मियों को सूचना मिली कि तस्कर कोतरा रोड ओवरब्रिज के पास एक स्कॉर्पियो में छिपे हैं, वे तुरंत वहां पहुंचे। लेकिन वन टीम के पहुंचते ही तस्कर वाहन छोड़कर रात के अंधेरे में फरार हो गए। स्कॉर्पियो को भी जब्त कर वन विभाग के डिपो में खड़ा कराया गया है।

⚖️ अब आगे क्या?

वन विभाग ने इस पूरे मामले में वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। अब पूछताछ के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि इन तस्करों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या संरक्षण तो नहीं।

👉 क्या यह महज़ एक लोकल तस्करी गिरोह था या किसी बड़े सिंडिकेट की कड़ी?
वन विभाग अब इस रहस्य से पर्दा उठाने में जुट गया है…