शाहरुख खान से भी अमीर बने टीचर अलख पांडे, हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में धूम
फिजिक्सवाला के सह-संस्थापक की संपत्ति ₹14,520 करोड़, एडटेक सेक्टर में चुनौतियों के बावजूद तेजी
एडटेक कंपनी फिजिक्सवाला के सह-संस्थापक अलख पांडे ने पिछले साल में अपनी संपत्ति में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की है। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में उनका डेब्यू हुआ, जिसमें उनकी कुल संपत्ति ₹14,520 करोड़ आंकी गई। यह वृद्धि 223% की रही, जिससे वे बॉलीवुड के किंग शाहरुख खान (₹12,490 करोड़) से भी आगे निकल गए।
कंपनी का प्रदर्शन
फिजिक्सवाला ने वित्त वर्ष 2024-25 में ₹243 करोड़ का शुद्ध घाटा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष के ₹1,131 करोड़ के मुकाबले 78% कम है। इसके बावजूद कंपनी की कुल आय ₹1,940 करोड़ से बढ़कर ₹2,886 करोड़ हो गई। सह-संस्थापक प्रतीक माहेश्वरी की संपत्ति में भी 223% की वृद्धि हुई।
IPO की तैयारी
कंपनी इस साल के अंत तक अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) लाने की तैयारी में है। फिजिक्सवाला ने पहले ही SEBI के पास गोपनीय पूर्व-फाइलिंग के तहत ड्राफ्ट पेपर्स जमा कर दिए हैं। नियामक से मंजूरी मिलने के बाद जल्द ही रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) दाखिल किया जाएगा। यह IPO कंपनी के विस्तार और स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
अलख पांडे का सफर
अलख पांडे का जन्म 2 अक्टूबर 1991, प्रयागराज में हुआ। उन्होंने कानपुर की हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में पढ़ाई शुरू की, लेकिन तीसरे वर्ष में इसे छोड़ दिया।
2016 में पांडे ने फिजिक्सवाला यूट्यूब चैनल लॉन्च किया, जो मुफ्त ऑनलाइन प्लेटफॉर्म था। उनके अनोखे शिक्षण शैली ने JEE और NEET जैसे प्रतियोगी परीक्षाओं के छात्रों के बीच लोकप्रियता हासिल की।
2020 में उन्होंने प्रतीक माहेश्वरी के साथ मिलकर फिजिक्सवाला ऐप लॉन्च किया। 2022 में कंपनी भारत का पहला एडटेक यूनिकॉर्न बन गई। वेस्टब्रिज कैपिटल और GSV वेंचर्स से $100 मिलियन की फंडिंग के बाद इसकी वैल्यूएशन $1.1 बिलियन से अधिक हो गई।
आज फिजिक्सवाला 60 लाख से अधिक छात्रों को पढ़ाता है और 16 ऑफलाइन सेंटर संचालित करता है। UPSC, GATE जैसे कोर्स भी कंपनी ऑफर करती है।
शिक्षा में उद्यमिता का नया आयाम
पांडे की सफलता ने दिखाया कि सस्ती और सुलभ शिक्षा के माध्यम से भी बड़े पैमाने पर असर डाला जा सकता है। हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 में भारत के 58 नए अरबपति शामिल हुए हैं, जिनमें एडटेक सेक्टर ने महत्वपूर्ण योगदान दिया।
अलख पांडे की कहानी शिक्षा क्षेत्र में उद्यमिता और नवाचार का नया मिसाल पेश करती है।
