सोने के भंडार में अमेरिका सबसे आगे, भारत और पाकिस्तान की स्थिति कितनी मज़बूत?
चीन, जर्मनी और भारत के रिजर्व का आंकड़ा, पाकिस्तान सूची में 49वें नंबर पर
सोने की कीमतों में हाल के समय में जबरदस्त तेजी देखी गई है। सितंबर में सोने की कीमतों में लगभग 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और इस साल यह लगभग 40 बार अपने ऑल टाइम हाई तक पहुंच चुका है।
विश्व स्तर पर कई देशों ने अपने सोने के भंडार को बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार, भारतीय परिवारों और आरबीआई के पास कुल मिलाकर लगभग 25,880 टन सोना है। इसमें अधिकांश सोना भारतीय परिवारों के पास है, जबकि आरबीआई के पास लगभग 880 टन सोना है।
देशों के गोल्ड रिजर्व की स्थिति:
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चीन: 18,000 टन
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अमेरिका: 12,700 टन
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जर्मनी: 12,440 टन
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भारत (केंद्रीय बैंक): 676 टन (लगभग)
यदि केवल केंद्रीय बैंक के रिजर्व की बात करें, तो अमेरिका सबसे ऊपर है, उसके सरकारी खजाने में 8,133 टन सोना है। इसके बाद जर्मनी (3,351 टन), इटली (2,452 टन), फ्रांस (2,437 टन), रूस (2,292 टन) और स्विट्जरलैंड (1,040 टन) का नंबर आता है। भारत इस सूची में अमेरिका और यूरोप के देशों के बाद आता है।
पाकिस्तान की स्थिति:
सूची में पाकिस्तान 49वें नंबर पर है, उसके केंद्रीय बैंक के पास केवल 64.75 टन सोना है। वहीं, भारत की निजी एनबीएफसी कंपनी मुथूट फाइनेंस के सेफ डिपॉजिट बॉक्सेज में 209 टन सोना जमा है। यह सिंगापुर के 215 टन टोटल गोल्ड रिजर्व के लगभग बराबर है और पाकिस्तान के रिजर्व से तीन गुना अधिक है।
सोने की बढ़ती कीमतों और देशों के गोल्ड रिजर्व को देखकर यह साफ है कि वैश्विक स्तर पर सोने की सुरक्षा और वित्तीय रणनीति कितनी अहम भूमिका निभा रही है।
