रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) घोटाले में CBI ने आज पूर्व परीक्षा नियंत्रक आरती वासनिक, पूर्व IAS सचिव जीवनलाल ध्रुव, उनके पुत्र सुमीत ध्रुव, निशा कोसले और दीपा आदिल को गिरफ्तार कर विशेष कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को CBI रिमांड पर सौंपा।
इससे पहले इस घोटाले में 7 अन्य प्रमुख आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें तत्कालीन अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी, श्रवण कुमार गोयल, नितेश सोनवानी, ललित गणवीर, शशांक गोयल, भूमिका कटियार और साहिल सोनवानी शामिल हैं। वर्तमान में कुल 12 आरोपी जेल में बंद हैं।
CGPSC घोटाला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि परीक्षा और साक्षात्कारों में योग्य अभ्यर्थियों को अनदेखा कर राजनीतिक और प्रशासनिक प्रभावशाली लोगों के करीबी उच्च पदों पर चयनित किए गए।
CBI ने जांच में कई आपत्तिजनक दस्तावेज़ बरामद किए और कार्रवाई करते हुए कई वरिष्ठ अधिकारियों और चयनित अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया। इस घोटाले ने प्रदेश में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सीबीआई का कहना है कि जांच अभी जारी है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी सबूत जुटाए जा रहे हैं।
