लखनऊ, मथुरा, गाजियाबाद, मिर्जापुर और इलाहाबाद के उपभोक्ता स्मार्ट मीटर से परेशान। बिल अचानक दोगुना और बैलेंस गायब, उपभोक्ताओं का कहना—‘बिजली विभाग ने ठगा हुआ महसूस कराया’।
स्मार्ट मीटर या सरदर्द?
किरण पांडे (कनेक्शन संख्या 0684916960) ने हाल ही में पोस्टपेड कनेक्शन को प्री-पेड स्मार्ट मीटर में बदला। उनका कहना है कि घर पर चार किलोवाट का रूफ टॉप सोलर लगा है, बावजूद इसके बिल पहले 1,800 रुपये के आसपास था और अब अनावश्यक रूप से बढ़कर 1,600 रुपये के प्री-पेड बिल के रूप में आ गया।
सिर्फ लखनऊ ही नहीं, मथुरा, गाजियाबाद, इलाहाबाद और मिर्जापुर से भी दर्जनों शिकायतें मिली हैं।
रिचार्ज होते ही माइनस बैलेंस
अवध विहार योजना के रामानंद सिंह का मामला है बेहद चिंताजनक। 18 सितंबर को उन्होंने 500 रुपये का रिचार्ज किया और अगले ही दिन उनका बैलेंस माइनस 80.35 रुपये में चला गया।
गाजियाबाद के साहिबाद निवासी एमएस एस यादव का कनेक्शन भी 25 अगस्त को प्री-पेड किया गया। 18 सितंबर को उनकी देय राशि -4,416.76 दिखी। उन्होंने पैसे जमा किए, लेकिन बिजली कार्यालय में भी किसी को कुछ पता नहीं चला।
बिल अचानक दोगुना
मिर्जापुर के कच्छावा बाजार निवासी मनीष राज केसरी बताते हैं कि उनका बिल पहले 1,200–1,400 रुपये के बीच आता था। अब यह बढ़कर करीब 2,750 रुपये हो गया। शिकायत करने पर कहा गया कि “चेक मीटर लगवा लो।” ऑनलाइन शिकायतें भी बिना समस्या दूर किए बंद कर दी जाती हैं।
मथुरा में शिवशा एस्टेट के अनीश के अग्रवाल का बिल तो और भी चौंकाने वाला है। औसत बिल 1,000 रुपये का था, लेकिन अब यह 21,134 रुपये पहुंच गया। अभियंताओं ने 6,000 यूनिट की गलती बताई, लेकिन अब तक समस्या जस की तस बनी हुई है।
उपभोक्ताओं की नाराज़गी
अन्य उपभोक्ता जैसे अनुभव सिन्हा (कस्टमर आईडी 4240688654) भी रूफ टॉप सोलर होने के बावजूद बिना बताए प्री-पेड मीटर में बदल दिए जाने से परेशान हैं। उनके मुताबिक कोई वेबसाइट या ऐप्लिकेशन नहीं है जो यह बता सके कि खाते में कितना बैलेंस है।
लखनऊ, मथुरा, गाजियाबाद, इलाहाबाद, मिर्जापुर से लगातार ईमेल और शिकायतें मिल रही हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि प्री-पेड मीटर घर का बजट बिगाड़ रहा है।
पोस्टपेड मीटर की मांग
उपभोक्ता यह मांग कर रहे हैं कि पहले लगाए गए पोस्टपेड मीटर ही उपयोग किए जाएं। प्री-पेड मीटर के फायदे बताए गए थे, लेकिन अब कई उपभोक्ता बिजली विभाग के अभियंताओं की बातों पर ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
“सुबह 500 रुपये का रिचार्ज कराते हैं और शाम तक केवल 80 रुपये बच रहे हैं। चार किलोवाट का रूफ टॉप सोलर होने के बावजूद बिल दोगुना हो गया,” कई शिकायतों में यह लिखा गया है।
