नवरात्रि में इन मंत्रों का जाप बदल देगी आपकी किस्मत! मिलेगा सुख, समृद्धि और मां का आशीर्वाद

Shardiya Navratri 2025 सोमवार, 22 सितंबर से शुरू। नौ दिन, नौ देवी स्वरूप और विशेष मंत्रों का जाप—जानें कौन सा मंत्र कब और कैसे करना चाहिए।

नवरात्रि: पूजा, मंत्र और भक्ति का पर्व

शारदीय नवरात्रि 2025 22 सितंबर से शुरू हो रही है। इस दौरान देवी दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा अर्चना की जाती है। माना जाता है कि भक्ति भाव से मंत्रों का जाप करने से:

  • जीवन की समस्याएँ दूर होती हैं

  • परिवार में सुख-समृद्धि आती है

  • मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है

नवरात्रि का पहला दिन बेहद खास होता है। यह घटस्थापना से शुरू होता है और दुर्गा का आह्वान व स्वागत किया जाता है।

नवरात्रि के प्रमुख मंत्र और उनके लाभ

  1. रक्त बीज वधे देवि चण्ड मुण्ड विनाशिनी।
    रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

    • लाभ: यश और कीर्ति की प्राप्ति, शत्रुओं का नाश।

  2. विद्यावन्तं यशस्वन्तं लक्ष्मीवन्तं जनं कुरु।
    रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि।।

    • लाभ: विद्यार्थियों और धन प्राप्ति के लिए विशेष।

    • जाप: कम से कम 11 बार।

  3. ऊं जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।
    दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते।।

    • लाभ: मां भगवती की कृपा, जीवन की सभी परेशानियों का निवारण।

    • जाप समय: सुबह और शाम।

  4. सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके।
    शरण्ये त्र्यंबके गौरी नारायणि नमोऽस्तुते।।

    • लाभ: सौभाग्य, बुद्धि और बल की प्राप्ति।

  5. सर्वबाधा प्रशमनं त्रैलोक्यस्याखिलेश्वरि।
    एवमेव त्वया कार्यम् अस्मद् वैरि विनाशनम्।।

    • लाभ: जीवन की हर बाधा से मुक्ति, सुख-समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति।

नवरात्रि के पहले दिन: मां शैलपुत्री की पूजा और मंत्र

  • मूल मंत्र: ऊं देवी शैलपुत्र्यै नमः।

    • जाप: प्रतिदिन 108 बार, स्थिरता और कृपा के लिए।

  • बीज मंत्र: ऊं ह्रीं शैलपुत्र्यै नमः।

    • लाभ: आध्यात्मिक उन्नति और मानसिक शांति।

  • ध्यान मंत्र: वन्दे वंचिताभाय चन्द्रार्धकृतशेखराम्। वृषारूढं शूलधरं शैलपुत्री यशस्विनीम्।

    • लाभ: घर में सुख, समृद्धि और सौभाग्य का वास।

  • सर्वमान्य मंत्र: ऊं ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे।

    • लाभ: सभी बाधाओं का निवारण, सफलता की प्राप्ति।

जाप विधि

  1. प्रातः स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।

  2. पूजा स्थल पर कलश और मां शैलपुत्री की मूर्ति/चित्र स्थापित करें।

  3. दीपक और अगरबत्ती जलाकर देवी का आह्वान करें।

  4. मंत्र का कम से कम 108 बार (एक माला) जाप करें।

  5. अंत में परिवार की सुख, समृद्धि और सुरक्षा के लिए आशीर्वाद मांगें।

मंत्र जप के मुख्य लाभ

  • जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं।

  • घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह।

  • धन, समृद्धि और सुख में वृद्धि।

  • मानसिक शांति और संतुलन का अनुभव।