नई दिल्ली/बेंगलुरु।लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले आरोप ने राजनीति में भूचाल ला दिया है। राहुल ने कर्नाटक की आलंद विधानसभा सीट पर मतदाता सूची से नाम हटाने की साजिश का आरोप लगाया था। लेकिन अब इस पर कर्नाटक के मुख्य चुनाव अधिकारी (CEO) का बड़ा बयान सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है।
CEO का बड़ा दावा
कर्नाटक CEO ने साफ कहा है कि, “जिस जानकारी की बात राहुल गांधी कर रहे हैं, वो दो साल पहले ही पुलिस को सौंप दी गई थी।”
उनके मुताबिक—
CEO Karnataka exposes Rahul Gandhi’s lies.
What a steep fall for the Leader of Opposition — the same man who openly declared that it is not his responsibility to defend India’s democracy.
Shameful. https://t.co/VbTvHTZQc0
— Amit Malviya (@amitmalviya) September 18, 2025
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दिसंबर 2022 में आलंद विधानसभा क्षेत्र से 6,018 फॉर्म-7 ऑनलाइन जमा हुए थे।
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जांच में केवल 24 आवेदन सही पाए गए, बाकि 5,994 आवेदन फर्जी थे।
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सही पाए गए 24 आवेदनों के आधार पर नाम हटाए गए, जबकि बाकी सब खारिज कर दिए गए।
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फरवरी 2023 में इस पूरे प्रकरण पर एफआईआर भी दर्ज करवाई गई थी।
बीजेपी का हमला
जैसे ही CEO का बयान सामने आया, भाजपा आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय ने राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा—
“कर्नाटक के सीईओ ने राहुल गांधी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया है। यही वह नेता है जो खुद कह चुका है कि लोकतंत्र की रक्षा करना उसकी जिम्मेदारी नहीं है। शर्मनाक।”
https://twitter.com/ceo_karnataka/status/1968665791345184936?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1968665791345184936%7Ctwgr%5E58aabbc2b416143fda6412dd270966df5e58e6da%7Ctwcon%5Es1_&ref_url=https%3A%2F%2Fm.dailyhunt.in%2Fnews%2Findia%2Fhindi%2Flivehindustan-epaper-dhad36e67a5f114c7f968321aab9b70edf%2F2salpahalehibatayatharahulkevotchorikeaaropoparkarnatakceokajavabbhadakibjp-newsid-n681645108
राजनीति में तकरार
इस खुलासे के बाद अब सवाल खड़ा हो गया है कि राहुल गांधी के आरोपों के पीछे सच्चाई क्या है?
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क्या यह केवल राजनीतिक बयानबाज़ी थी?
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या फिर वाकई में मतदाता सूची में हेरफेर की कोई गहरी साज़िश छिपी है?
फिलहाल, चुनाव आयोग और CEO का दावा है कि ऑनलाइन तरीके से किसी का नाम मतदाता सूची से हटाया ही नहीं जा सकता। अब देखना होगा कि इस विवाद का अगला मोड़ किस दिशा में जाएगा।
