छत्तीसगढ़ में अग्रसेन जयंती पर सरकारी छुट्टी का ऐलान, CM विष्णुदेव साय की घोषणा से अग्रवाल समाज में खुशी की लहर; लंबे समय से उठ रही मांग पर लगी मुहर

 

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ में अग्रवाल समाज की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महत्वपूर्ण घोषणा की है। सरगुजा जिले के अंबिकापुर में आयोजित अग्र महाकुंभ सम्मेलन के मंच से मुख्यमंत्री ने महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर एक दिवसीय शासकीय अवकाश घोषित करने का ऐलान किया। 19 सितंबर 2026 को आयोजित सम्मेलन में हुई इस घोषणा का कार्यक्रम में मौजूद समाज के प्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने स्वागत किया।

मुख्यमंत्री की घोषणा को अग्रवाल समाज की सांस्कृतिक और सामाजिक परंपराओं के सम्मान से जोड़कर देखा जा रहा है। महाराजा अग्रसेन जयंती अग्रवाल समाज के प्रमुख पर्वों में शामिल है। इस अवसर पर धार्मिक अनुष्ठानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और सामाजिक सेवा गतिविधियों का आयोजन किया जाता है।

अग्र महाकुंभ के मंच से मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान

अंबिकापुर के होटल ग्रैंड वसंत में अग्रवाल समाज की ओर से दो दिवसीय अग्र महाकुंभ सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से समाज के प्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सम्मेलन के उद्घाटन कार्यक्रम में भाग लिया।

इस दौरान समाज की ओर से महाराजा अग्रसेन जयंती पर सरकारी अवकाश घोषित करने की मांग का मुद्दा भी सामने आया। मुख्यमंत्री ने मंच से इस अवसर पर एक दिन का शासकीय अवकाश घोषित करने की बात कही। घोषणा के बाद सम्मेलन में मौजूद लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की और मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

लंबे समय से उठ रही थी सरकारी छुट्टी की मांग

महाराजा अग्रसेन जयंती अग्रवाल समाज के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व भी रखती है। इस दिन समाज के लोग पूजा-अर्चना, धार्मिक कार्यक्रमों, सांस्कृतिक आयोजनों और सेवा गतिविधियों के माध्यम से महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को याद करते हैं।

छत्तीसगढ़ में समाज के प्रतिनिधियों की ओर से लंबे समय से इस अवसर पर शासकीय अवकाश की मांग उठाई जाती रही है। समाज का मानना है कि महाराजा अग्रसेन के विचार सामाजिक एकता, सहयोग, समानता और जनकल्याण की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री की घोषणा को इसी मांग के संदर्भ में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

शिक्षा, व्यापार और सामाजिक सेवा में योगदान की सराहना

अग्र महाकुंभ सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अग्रवाल समाज के सामाजिक और आर्थिक योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षा, व्यापार, उद्योग और सामाजिक सेवा जैसे क्षेत्रों में समाज की भूमिका की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने समाज के सदस्यों की सामाजिक गतिविधियों और विकास कार्यों में सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। सम्मेलन में सामाजिक जिम्मेदारियों के निर्वहन और जनकल्याण के कार्यों में योगदान पर भी चर्चा हुई।

अग्र महाकुंभ के साथ आयोजित हुआ दशम अग्र अलंकरण समारोह

अंबिकापुर में आयोजित दो दिवसीय अग्र महाकुंभ का उद्देश्य समाज के सदस्यों को एक मंच पर लाना, सामाजिक गतिविधियों पर चर्चा करना और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित करना था। इसी आयोजन के अंतर्गत दशम अग्र अलंकरण समारोह भी आयोजित किया गया।

समारोह में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों और प्रतिभाओं को सम्मान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अलावा मंत्री राजेश अग्रवाल, अमर अग्रवाल और सांसद चिंतामणि महाराज सहित समाज के कई प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

राजनांदगांव में भी जताया गया मुख्यमंत्री का आभार

महाराजा अग्रसेन जयंती पर अवकाश की घोषणा को लेकर अग्रवाल समाज के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। समाज के पदाधिकारियों ने इसे अपनी सांस्कृतिक परंपराओं के सम्मान से जुड़ा कदम बताया।

जानकारी के अनुसार, 11 अक्टूबर 2026 को राजनांदगांव में आयोजित अग्रसेन जयंती समारोह के दौरान भी मुख्यमंत्री की घोषणा के लिए आभार व्यक्त किया गया था। इससे समाज के बीच इस फैसले को लेकर उत्साह का संकेत मिला।

महाराजा अग्रसेन के आदर्शों से जुड़ी है जयंती

महाराजा अग्रसेन को सामाजिक समानता, सहयोग, सेवा और जनकल्याण के आदर्शों से जोड़कर देखा जाता है। अग्रवाल समाज में उनकी जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई जाती है। इस अवसर पर पूजा-अर्चना, धार्मिक अनुष्ठान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, सामाजिक सेवा और प्रतिभाओं के सम्मान जैसे आयोजन होते हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की ओर से अग्रसेन जयंती पर शासकीय अवकाश की घोषणा को समाज की सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के सम्मान से जुड़ी पहल के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, घोषणा के बाद अवकाश लागू करने से संबंधित औपचारिक आदेश और उसकी प्रभावी तिथि की जानकारी अलग से सामने आने पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।

You missed