रायपुर। भारतीय सेना में अग्निपथ योजना के तहत चार साल की सेवा पूरी कर चुके युवाओं के लिए छत्तीसगढ़ में सरकारी नौकरी के अवसरों का रास्ता खुलने जा रहा है। राज्य सरकार ने पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए विशेष नियम जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 15 अक्टूबर 2026 को जारी नियमों के अनुसार, पात्र पूर्व अग्निवीरों को इन पदों पर 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है। खास बात यह है कि इस विशेष भर्ती प्रक्रिया में चयन के लिए 10वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। नियमों के विवरण के मुताबिक, पात्र उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता एवं दक्षता परीक्षा से छूट देने का भी प्रावधान है।
राज्य मंत्रिपरिषद ने 30 सितंबर 2026 को पूर्व अग्निवीरों के लिए भर्ती नियमों को मंजूरी दी थी। अब नियम जारी होने के बाद संबंधित विभागों में भर्ती प्रक्रिया लागू करने की दिशा में आगे बढ़ने का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि, आवेदन शुरू होने की तारीख, पदों की कुल संख्या और भर्ती विज्ञापन की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
पुलिस, वन और जेल विभाग में मिलेगा नौकरी का अवसर
राज्य सरकार की इस व्यवस्था के तहत गृह विभाग के अंतर्गत पुलिस आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक और जेल विभाग में जेल प्रहरी के पदों पर पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण का लाभ देने का प्रावधान है। इन पदों पर भर्ती संबंधित विभागों के नियमों और जारी होने वाले आधिकारिक विज्ञापनों के अनुसार की जाएगी।
नियमों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान किया गया है। इसका अर्थ है कि पूर्व अग्निवीरों के लिए निर्धारित आरक्षण को संबंधित सामाजिक श्रेणियों के भीतर समायोजित किया जाएगा। यह अलग सामाजिक वर्ग बनाने के बजाय मौजूदा आरक्षण व्यवस्था के साथ लागू होने वाली व्यवस्था है।
बिना लिखित और शारीरिक परीक्षा के चयन, 10वीं के अंकों से बनेगी मेरिट
पूर्व अग्निवीरों के लिए बनाई गई विशेष चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और शारीरिक योग्यता एवं दक्षता परीक्षा से छूट देने का प्रावधान बताया गया है। इसके स्थान पर उम्मीदवारों की मेरिट सूची दसवीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। यदि दो उम्मीदवारों के अंक समान होते हैं, तो अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी को प्राथमिकता देने का प्रावधान है।
नियमों के अनुसार, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय से प्राप्त पूर्व अग्निवीरों की मेरिट सूची के आधार पर भी चयन सूची तैयार की जा सकेगी। इसके अलावा, सेना, नौसेना या वायुसेना की ओर से जारी दसवीं के समकक्ष मान्य शैक्षणिक प्रमाणपत्र को स्वीकार करने का प्रावधान भी बताया गया है।
हालांकि, परीक्षा से छूट का अर्थ सभी औपचारिकताओं से छूट नहीं है। उम्मीदवारों को अपनी पात्रता, सैन्य सेवा और स्थानीय निवास से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। अंतिम प्रक्रिया संबंधित विभाग के भर्ती विज्ञापन और लागू नियमों के अनुसार पूरी होगी।
पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को मिलेगी प्राथमिकता
भर्ती नियमों में पूर्व अग्निवीरों के बैच के आधार पर चयन का क्रम निर्धारित करने का प्रावधान भी है। इसके तहत पहले बैच के पात्र उम्मीदवारों के चयन पर विचार करने के बाद अगले बैच के अभ्यर्थियों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इससे अलग-अलग बैचों के उम्मीदवारों के चयन का क्रम तय होगा।
आयु सीमा में भी विशेष छूट देने का प्रावधान किया गया है। पहले बैच के पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में पांच वर्ष की अतिरिक्त छूट मिलेगी, जबकि अन्य बैचों के उम्मीदवारों को तीन वर्ष की अतिरिक्त छूट देने की व्यवस्था है। हालांकि, सभी छूटों को मिलाकर अधिकतम आयु सीमा लागू सरकारी नियमों के तहत निर्धारित अंतिम सीमा से अधिक नहीं हो सकेगी।
छत्तीसगढ़ के स्थानीय निवासी ही ले सकेंगे लाभ
इस विशेष भर्ती व्यवस्था का लाभ छत्तीसगढ़ के पात्र स्थानीय निवासी पूर्व अग्निवीरों को ही मिलेगा। इसके लिए उम्मीदवार का भारत सरकार की अग्निपथ योजना के तहत थल सेना, नौसेना या वायुसेना में चार वर्ष की सेवा सफलतापूर्वक पूरी करना आवश्यक होगा। सैन्य सेवा पूरी करने का प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे।
इसलिए केवल अग्निवीर के रूप में सेवा कर लेना पर्याप्त नहीं होगा। उम्मीदवारों को स्थानीय निवास और संबंधित पद के लिए लागू अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी। दस्तावेजों की अंतिम सूची आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में स्पष्ट की जाएगी।
आवेदन के लिए बनेगा अलग ऑनलाइन पोर्टल
राज्य सरकार ने पूर्व अग्निवीरों की भर्ती के लिए अलग ऑनलाइन पोर्टल विकसित करने का प्रावधान किया है। संबंधित विभागों की ओर से भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद पात्र उम्मीदवार इस पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। फिलहाल आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की तारीख, पोर्टल का लिंक और उपलब्ध पदों की संख्या की जानकारी जारी नहीं हुई है।
इच्छुक उम्मीदवारों को अपनी दसवीं की अंकसूची, सैन्य सेवा से जुड़े प्रमाणपत्र, स्थानीय निवास प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने चाहिए। आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञापन में दी गई पात्रता शर्तों और चयन प्रक्रिया की पुष्टि करना जरूरी होगा।
नियुक्ति के बाद तीन साल की परिवीक्षा अवधि
नियमों के अनुसार, चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित विभाग के अधिकृत नियुक्ति अधिकारी नियुक्ति आदेश जारी करेंगे। नियुक्त होने वाले उम्मीदवारों को तीन वर्ष की परिवीक्षा अवधि पर रखा जाएगा। इसके अलावा, किसी एक पद पर पूर्व अग्निवीर कोटे के तहत नियुक्ति का लाभ ले चुके उम्मीदवार को दूसरे पद पर नियुक्ति के लिए दोबारा इसी आरक्षण का लाभ नहीं मिल सकेगा।
अग्निपथ योजना के बाद रोजगार के नए अवसर
अग्निपथ योजना के तहत सेना के तीनों अंगों में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद युवाओं के सामने रोजगार और पुनर्वास का सवाल महत्वपूर्ण रहता है। छत्तीसगढ़ सरकार की ओर से पुलिस, वन और जेल विभाग में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान इसी संदर्भ में पूर्व अग्निवीरों के लिए रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में उठाया गया कदम है।
अब इच्छुक उम्मीदवारों की नजर संबंधित विभागों के भर्ती विज्ञापनों पर रहेगी। रिक्तियों की संख्या, आवेदन की अंतिम तारीख और दस्तावेजों से जुड़ी शर्तें सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कितने पदों पर भर्ती होगी और आवेदन प्रक्रिया कब शुरू होगी।
