बलरामपुर जिला अस्पताल में प्रभार को लेकर बढ़ा विवाद! शासन के आदेश के 25 दिन बाद भी सिविल सर्जन को जिम्मेदारी नहीं मिलने का आरोप, कर्मचारियों ने कलेक्टर से की तत्काल कार्रवाई की मांग

 

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिला चिकित्सालय में सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के प्रभार हस्तांतरण को लेकर प्रशासनिक मामला सामने आया है। जिला चिकित्सालय के कर्मचारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि शासन द्वारा स्थानांतरण और नई पदस्थापना का आदेश जारी किए जाने के 25 दिन से अधिक समय बीतने के बावजूद नवनियुक्त अधिकारी को विधिवत प्रभार नहीं सौंपा गया है। कर्मचारियों ने इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर शासन के आदेश का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।

17 सितंबर के आदेश के बाद भी प्रभार नहीं मिलने का आरोप

कर्मचारियों की ओर से दिए गए ज्ञापन के अनुसार, छत्तीसगढ़ शासन के लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग ने 17 सितंबर 2026 को आदेश जारी कर जिला चिकित्सालय बलरामपुर के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक के पद पर नई पदस्थापना की थी। आदेश के तहत डॉ. रामप्रसाद तिर्की को इस पद का प्रभार सौंपा जाना था, जबकि पूर्व पदस्थ अधिकारी डॉ. शशांक गुप्ता को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजपुर, जिला बलरामपुर में पदस्थ किया गया था।

ज्ञापन में दावा किया गया है कि आदेश जारी होने के बाद भी डॉ. शशांक गुप्ता ने नवनियुक्त सिविल सर्जन को विधिवत प्रभार नहीं सौंपा है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे शासन के आदेश के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी हो रही है और जिला चिकित्सालय के प्रशासनिक कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।

कर्मचारियों ने कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग

जिला चिकित्सालय के कर्मचारियों ने कलेक्टर से अनुरोध किया है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शासन के स्थानांतरण आदेश का पूर्ण पालन कराया जाए। ज्ञापन में मांग की गई है कि पूर्व पदस्थ अधिकारी को सभी आवश्यक अभिलेख, वित्तीय और प्रशासनिक दस्तावेज तथा अन्य संबंधित जिम्मेदारियां नवनियुक्त सिविल सर्जन को तत्काल विधिवत सौंपने के निर्देश दिए जाएं।

इसके साथ ही कर्मचारियों ने प्रभार हस्तांतरण में हुई देरी के कारणों की जांच कराने और नियमानुसार आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने की मांग भी की है। उन्होंने भविष्य में शासन के आदेशों का समयबद्ध पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करने का आग्रह किया है।

नियमों के पालन का दिया हवाला

ज्ञापन में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के स्थान पर उल्लेखित छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1982 और स्थानांतरण नीति 2025 का हवाला देते हुए कहा गया है कि स्थानांतरण तथा नई पदस्थापना के बाद निर्धारित समय-सीमा में कार्यभार ग्रहण करने और प्रभार हस्तांतरण से संबंधित निर्देशों का पालन किया जाना चाहिए।

कर्मचारियों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन मामले में शीघ्र संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करेगा, ताकि जिला चिकित्सालय का प्रशासनिक संचालन सुचारु रूप से जारी रह सके। ज्ञापन की एक प्रतिलिपि जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को भी सूचनार्थ भेजे जाने का उल्लेख है।

फिलहाल, उपलब्ध ज्ञापन में कर्मचारियों की ओर से लगाए गए आरोप और उनकी मांगें सामने आई हैं। प्रभार हस्तांतरण में देरी के कारणों, संबंधित अधिकारियों के पक्ष और जिला प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है।

 

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