रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित श्री अग्रसेन धाम में 12 अक्टूबर 2026 को श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव 2026 का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर महाराजा अग्रसेन के आदर्शों, दानशीलता, परोपकार, सामाजिक समानता और आत्मनिर्भरता के संदेश को याद किया गया। राज्यपाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन ने समाज को दान और सेवा की प्रेरणा दी, जबकि मुख्यमंत्री ने विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के दौरान घायल गौमाता के उपचार के लिए गौरक्षा वाहिनी एम्बुलेंस का लोकार्पण भी किया गया। इसके साथ ही अग्रवाल समाज की डायरेक्ट्री और त्रैमासिक पत्रिका ‘अग्रपुष्प’ के प्रथम अंक का विमोचन किया गया। समाज के प्रतिभावान बच्चों और युवाओं को सम्मानित भी किया गया।
महाराजा अग्रसेन का संदेश आज भी प्रासंगिक: राज्यपाल रमेन डेका
राज्यपाल रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को शारदीय नवरात्रि और श्री अग्रसेन जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महाराजा अग्रसेन ने समाज को दानशीलता और परोपकार का अमूल्य संदेश दिया। उनके आदर्श आज भी सामाजिक सहयोग और सामूहिक विकास की राह दिखाते हैं।
राज्यपाल ने कहा कि अग्रवाल समाज ने व्यवसाय और उद्योग के साथ-साथ समाजसेवा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इस समाज के लोगों द्वारा स्थापित उद्योग-धंधे रोजगार के अवसर उपलब्ध कराते हैं। व्यापार, उद्योग और विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों में उनकी भागीदारी भारतीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देती है।
उन्होंने महाराजा अग्रसेन के ‘एक ईंट, एक रुपया’ सिद्धांत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह आपसी सहयोग और आत्मनिर्भरता की अनूठी मिसाल है। इस सिद्धांत का मूल भाव समाज के प्रत्येक व्यक्ति को आगे बढ़ने में सहयोग देना और अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए काम करना है।
राज्यपाल ने नई पीढ़ी से पारंपरिक मूल्यों को अपनाने और त्वरित सफलता के बजाय मेहनत, सहयोग तथा सामाजिक जिम्मेदारी को महत्व देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सभी की भागीदारी से ही एक सुंदर और समावेशी समाज का निर्माण संभव है।
विकसित छत्तीसगढ़ में अग्रवाल समाज की होगी अहम भूमिका: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अग्रवाल समाज महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज स्वास्थ्य शिविरों, गौसेवा, धर्मशालाओं, सामूहिक विवाह और निःशुल्क शिक्षा जैसी गतिविधियों के माध्यम से लंबे समय से जनसेवा में योगदान देता रहा है।
मुख्यमंत्री ने घायल गौमाता के उपचार के लिए एम्बुलेंस शुरू किए जाने को समाज की सेवा भावना का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार भी विजन डॉक्यूमेंट के आधार पर मिशन मोड में काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने राज्य की जीएसडीपी को 5 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर 75 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य बताया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ खनिज, वनोपज, बिजली और पानी जैसे संसाधनों से समृद्ध है। इन संभावनाओं का उपयोग उद्योग और व्यवसाय के विस्तार के लिए किया जा सकता है, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और राज्य की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने रोजगार और समाजसेवा में योगदान को सराहा
स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि अग्रवाल समाज व्यापार और उद्योग के माध्यम से लोगों को रोजगार देने के साथ ही समाजसेवा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है। उन्होंने महाराजा अग्रसेन के समानता और आत्मनिर्भरता के संदेश को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
घायल गौमाता के इलाज के लिए गौरक्षा वाहिनी एम्बुलेंस शुरू
श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव के अवसर पर घायल गौमाता के उपचार के लिए गौरक्षा वाहिनी एम्बुलेंस का लोकार्पण किया गया। यह एम्बुलेंस अग्रसेवा गौशाला रायपुर द्वारा संचालित की जाएगी। इसकी सुविधा लेने के लिए जारी मोबाइल नंबर 8109002139 पर संपर्क किया जा सकता है।
एम्बुलेंस सेवा का उद्देश्य घायल गौमाता को समय पर उपचार उपलब्ध कराने में मदद करना है। कार्यक्रम में इसे गौसेवा और सामाजिक जिम्मेदारी की दिशा में एक पहल के रूप में प्रस्तुत किया गया।
प्रतिभाशाली बच्चों और युवाओं को मिला सम्मान
कार्यक्रम में अग्रवाल समाज की डायरेक्ट्री और त्रैमासिक पत्रिका ‘अग्रपुष्प’ के प्रथम अंक का विमोचन किया गया। समाज के प्रतिभावान बच्चों को ‘अग्र प्रतिभा सम्मान’ और युवाओं को ‘अग्र गौरव सम्मान’ प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया।
इस अवसर पर एडीआर ग्रुप के चेयरमैन सुशील अग्रवाल, अग्रवाल समाज रायपुर के अध्यक्ष विजय अग्रवाल, मनमोहन अग्रवाल, प्रेमचंद अग्रवाल सहित समाज के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक और सामाजिक सदस्य उपस्थित रहे।
श्री अग्रसेन जयंती महोत्सव में सामाजिक सहयोग, सेवा और आर्थिक विकास के विचारों को प्रमुखता दी गई। वक्ताओं ने महाराजा अग्रसेन के आदर्शों को वर्तमान समय में भी प्रासंगिक बताते हुए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से प्रदेश के विकास को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
