लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां तेज होने के साथ ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे को लेकर खींचतान के संकेत मिलने लगे हैं। गठबंधन पर औपचारिक बातचीत पूरी तरह आकार लेने से पहले ही दोनों दलों की सीटों को लेकर अलग-अलग दावेदारी सामने आ गई है। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा है कि पार्टी गठबंधन की स्थिति में कम से कम 150 सीटों पर चुनाव लड़ना चाहती है। इसके बाद सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस की इस मांग पर सवाल उठाते हुए कहा कि 150 सीट तो दूर, कांग्रेस को 50 सीट देना भी बड़ी बात होगी।
कांग्रेस ने 150 सीटों पर जताया दावा
उत्तर प्रदेश में विधानसभा की कुल 403 सीटें हैं। कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने सितंबर के अंत में कहा था कि सीट बंटवारे पर सहयोगी दलों के साथ बातचीत अक्टूबर में पूरी होने की संभावना है और कांग्रेस गठबंधन में 150 से कम सीटों पर चुनाव नहीं लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा था कि पार्टी के पास सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए उम्मीदवार उपलब्ध हैं।
इसी दावे के बाद सपा सांसद शिवपाल सिंह पटेल का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में सीटों की मांग किसी पार्टी की चुनावी ताकत और संगठनात्मक स्थिति के अनुरूप होनी चाहिए। उनका कहना था कि कांग्रेस की 150 सीटों की मांग पर सहमत होना आसान नहीं होगा।
‘150 तो दूर, 50 सीट देना भी बड़ी बात’
शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस की मांग पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, “150 सीटों का तो सवाल ही नहीं है। उन्हें 50 सीट देना भी बड़ी बात होगी।” उन्होंने कांग्रेस के पिछले विधानसभा चुनाव प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी को अपनी चुनावी स्थिति को ध्यान में रखकर सीटों की मांग करनी चाहिए।
सपा सांसद ने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उस चुनाव में कांग्रेस ने सभी 403 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, लेकिन उसे केवल दो सीटों पर जीत मिली थी। इसी प्रदर्शन को आधार बनाते हुए पटेल ने कांग्रेस की बड़ी सीट हिस्सेदारी की मांग पर सवाल उठाया।
उन्होंने यह दावा भी किया कि 2022 में कांग्रेस के कारण सपा के वोटों को नुकसान हुआ था और अगर कांग्रेस ने सपा के वोटों में सेंध नहीं लगाई होती तो चुनाव परिणाम अलग हो सकते थे। यह शिवपाल सिंह पटेल का राजनीतिक आकलन और दावा है, जिसे कांग्रेस की ओर से इस खबर में पुष्ट तथ्य के रूप में स्वीकार नहीं किया गया है।
2024 लोकसभा चुनाव का भी आया जिक्र
सपा सांसद ने 2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन को भी सीट बंटवारे की चर्चा से जोड़ते हुए कांग्रेस की सफलता में सपा के साथ गठबंधन की भूमिका का दावा किया। उन्होंने कहा कि अगर सपा के साथ गठबंधन नहीं होता तो कांग्रेस के छह सांसद भी चुनाव नहीं जीत पाते।
2024 के लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की 80 सीटों में सपा ने 37 सीटें और कांग्रेस ने छह सीटें जीती थीं। दोनों दलों ने उस चुनाव में गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा था।
राहुल गांधी की रायबरेली सीट पर भी बोले शिवपाल
शिवपाल सिंह पटेल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के 2024 लोकसभा चुनाव में रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर भी एक दावा किया। उनके मुताबिक राहुल गांधी शुरुआत में रायबरेली से चुनाव लड़ने को लेकर आशंकित थे और इस संबंध में उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात की थी।
पटेल के दावे के अनुसार, अखिलेश यादव ने राहुल गांधी से कहा था कि अगर वह चुनाव नहीं लड़ते हैं तो सपा अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। इसके बाद राहुल गांधी ने रायबरेली से नामांकन दाखिल किया। यह पूरा विवरण शिवपाल सिंह पटेल के दावे पर आधारित है और उपलब्ध रिपोर्टों में कांग्रेस या राहुल गांधी की ओर से इस दावे की पुष्टि नहीं दी गई है।
गठबंधन पर सपा सांसद ने कही ये बात
सीटों को लेकर कांग्रेस की मांग पर सवाल उठाने के बावजूद शिवपाल सिंह पटेल ने सपा-कांग्रेस गठबंधन के बने रहने की बात कही। यानी उनके बयान का मुख्य निशाना सीटों की संख्या और कांग्रेस की दावेदारी रही।
उधर, सीट शेयरिंग को लेकर दोनों दलों के बीच बातचीत का दौर अक्टूबर में आगे बढ़ने की संभावना जताई गई है। ऐसे में शुरुआती बयानों से यह स्पष्ट है कि सीटों का बंटवारा दोनों पार्टियों के बीच बातचीत का अहम मुद्दा रहने वाला है।
2027 से पहले सीटों का हिसाब बनेगा सबसे बड़ा सवाल
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा और कांग्रेस के बीच गठबंधन की संभावनाओं के साथ सीट बंटवारे का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है। कांग्रेस कम से कम 150 सीटों पर अपनी दावेदारी जता चुकी है, जबकि सपा के एक सांसद ने सार्वजनिक रूप से इस मांग को खारिज करते हुए 50 सीट तक देने को भी बड़ी बात बताया है।
अब दोनों दलों के बीच होने वाली औपचारिक बातचीत में यह देखना अहम होगा कि 403 विधानसभा सीटों में हिस्सेदारी का फॉर्मूला किस आधार पर तय होता है। फिलहाल 150 सीटों की कांग्रेस की मांग और उस पर सपा सांसद की आपत्ति ने चुनावी गठबंधन की सीट शेयरिंग को लेकर राजनीतिक चर्चा तेज कर दी है।
