Breaking Surguja: झटका तार की चपेट में आया हाथी का शावक, करंट लगने से मौत! हादसे के बाद पूरी रात चिंघाड़ते रहे हाथी, दहशत में बीती ग्रामीणों की रात

 

 

सरगुजा: सरगुजा जिले के उदयपुर वन परिक्षेत्र से एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अलकापुरी जंगल में झटका तार की चपेट में आने से हाथी के एक शावक की मौत हो गई। हादसा बुधवार रात करीब 10 बजे अलकापुरी कक्ष क्रमांक पी-2027 के पास जंगल क्षेत्र में हुआ। घटना के बाद इलाके में मौजूद हाथियों के दल ने देर रात तक चिंघाड़ना शुरू कर दिया, जिससे आसपास के ग्रामीणों में दहशत फैल गई।

फसल बचाने के लिए लगाए गए थे झटका तार

जानकारी के अनुसार, अलकापुरी क्षेत्र के जंगल में पिछले कई महीनों से हाथियों का एक दल लगातार विचरण कर रहा है। हाथियों से फसल को बचाने के लिए खेतों के आसपास एक किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में झटका तार लगाए जाने की जानकारी सामने आई है।

बताया जा रहा है कि इसी तार की चपेट में हाथी का शावक आ गया। उसके सूंड और पैर में तार फंसने के बाद करंट लगने से उसकी मौत हो गई।

हादसे के बाद पूरी रात चिंघाड़ते रहे हाथी

हाथी के शावक की मौत के बाद आसपास मौजूद हाथियों के दल में हलचल मच गई। प्रत्यक्ष जानकारी के अनुसार, रात करीब 10 बजे घटना के बाद हाथियों ने जोर-जोर से चिंघाड़ना शुरू कर दिया।

अलकापुरी मोहल्ले के लोगों के मुताबिक, हाथियों की चिंघाड़ पूरी रात सुनाई देती रही। इसके चलते ग्रामीणों की रात दहशत में बीती और लोग घरों से बाहर निकलने से भी बचते रहे।

27 हाथियों का दल कर रहा था विचरण

बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से करीब 27 हाथियों का दल इस इलाके में लगातार विचरण कर रहा है। ऐसे में शावक की मौत के बाद मानव-हाथी संघर्ष और हाथियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

वन विभाग की टीम मौके पर, जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और वन अमला मौके पर पहुंच गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू कर दिया है और हाथी के शावक की मौत की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, जांच के बाद यह पता लगाया जाएगा कि झटका तार किस तरह लगाया गया था और इसके लिए कौन जिम्मेदार है। जिम्मेदार लोगों की पहचान होने पर नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।

बताया गया है कि जिस खेत के आसपास झटका तार लगाए जाने की बात सामने आई है, वह झिरमिटी सरपंच चंदन एक्का के परिवार की भूमि है। इस संबंध में भी जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

हाथियों की सुरक्षा पर उठे सवाल

घटना के बाद फसल को हाथियों से बचाने के लिए लगाए जाने वाले झटका तारों की सुरक्षा और उनके इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। खासकर ऐसे क्षेत्र में जहां हाथियों का दल लगातार विचरण कर रहा है, वहां इस तरह के तार वन्यजीवों के लिए कितना सुरक्षित हैं, इसकी भी जांच की जरूरत बताई जा रही है।

फिलहाल वन विभाग की टीम मौके पर मौजूद है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।