धमतरी। मंत्रालय में नौकरी और सरकारी आवास दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने वाले महिला समेत दो आरोपियों को धमतरी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल का पारिजात भवन दिलाने का झांसा देकर पीड़ित से 9 लाख 8 हजार रुपये ले लिए। शिकायत के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों को हिरासत में लिया और पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
होटल में हुई थी आरोपियों से मुलाकात
पुलिस के अनुसार, भानपुरी, थाना गुरूर, जिला बालोद निवासी मनीष साहू ने धमतरी सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि फरवरी 2024 में उसकी मुलाकात रुद्री रोड स्थित एक होटल में शशि प्रभा साहू और अमित कुमार देवांगन से हुई थी।
दोनों आरोपियों ने खुद को मंत्रालय में कार्यरत बताया और छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल से पारिजात भवन आवंटित कराने का भरोसा दिलाया। आरोपियों ने पीड़ित को विश्वास में लेने के लिए उसे मंत्रालय स्थित महानदी भवन भी ले जाकर बाहर खड़ा किया।
14.12 लाख के आवास का दिया झांसा
आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि पारिजात भवन की कुल कीमत 14 लाख 12 हजार रुपये है। इसके बाद अलग-अलग किश्तों में रकम की मांग की गई।
पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने विभिन्न बैंक खातों, फोन-पे, गूगल-पे और नकद माध्यम से आरोपियों को कुल 9 लाख 8 हजार रुपये दे दिए। इसके अलावा आरोपियों ने बैंक ऑफ बड़ौदा और स्टेट बैंक के दो खाली हस्ताक्षरित चेक भी अपने पास रख लिए।
रकम वापस मांगने पर लौटाए सिर्फ 2.98 लाख
कुछ समय बाद जब पीड़ित को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ तो उसने आरोपियों से रकम वापस मांगी। इस पर आरोपियों ने केवल 2 लाख 98 हजार 999 रुपये लौटाए। शेष रकम वापस नहीं की गई।
इसके बाद पीड़ित ने धमतरी सिटी कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने धारा 318(4), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस
मामले की गंभीरता को देखते हुए धमतरी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने शशि प्रभा साहू, पति प्रीतम साहू, उम्र 50 वर्ष और अमित कुमार देवांगन, पिता स्वर्गीय सुखराम देवांगन, उम्र 38 वर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड के लिए न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और संभावित संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
