रायपुर में विदेशी छात्रों को लेकर प्रशासन सख्त, कलेक्टर-SP ने दिए बड़े निर्देश; 30 दिन में हॉस्टल शिफ्ट करने की तैयारी

रायपुर। राजधानी में विदेशी विद्यार्थियों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन ने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों के साथ अहम बैठक की। कलेक्ट्रेट में कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक रायपुर ग्रामीण श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा ने विभिन्न विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर विदेशी छात्रों के आवास, आवागमन, सुरक्षा और संस्थानों की जिम्मेदारियों को लेकर दिशा-निर्देश दिए।

प्रशासन ने साफ किया कि विदेशी विद्यार्थियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना भी प्राथमिकता है। वहीं, किसी विद्यार्थी के खिलाफ केवल उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कार्रवाई नहीं होगी। कानून का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

15 से 30 दिन में सुरक्षित हॉस्टल में शिफ्ट करने के निर्देश

बैठक में उन विदेशी विद्यार्थियों के आवास को लेकर विशेष निर्देश दिए गए, जो वर्तमान में विश्वविद्यालय या कॉलेज के छात्रावास के बाहर निजी मकानों, पीजी अथवा अन्य स्थानों पर रह रहे हैं।

संस्थानों को ऐसे विद्यार्थियों को अगले 15 से 30 दिनों के भीतर संस्थान द्वारा उपलब्ध या उससे संबद्ध सुरक्षित छात्रावास में स्थानांतरित करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

इसके लिए विद्यार्थियों की सुविधा, सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

शिकायतों और अनुशासन पर भी नजर

बैठक में बताया गया कि प्रशासन और पुलिस को समय-समय पर विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित शिकायतें और सूचनाएं मिलती रही हैं। कुछ मामलों में विद्यार्थियों द्वारा अनुशासनहीनता या कानून-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की आशंका से संबंधित शिकायतें भी सामने आई हैं।

इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालयों को प्रभावी निगरानी, काउंसलिंग और अनुशासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासन ने संस्थानों से यह भी कहा कि किसी अप्रिय घटना या कानून-व्यवस्था से जुड़ी स्थिति उत्पन्न होने से पहले संभावित कारणों की पहचान कर आवश्यक निरोधात्मक कदम उठाए जाएं।

विदेशी छात्रों को स्थानीय कानून और नियमों की जानकारी देने पर जोर

बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अलग-अलग देशों से आने वाले विद्यार्थियों की सामाजिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि अलग हो सकती है। ऐसे में विश्वविद्यालयों की जिम्मेदारी है कि उन्हें भारतीय कानून, स्थानीय सामाजिक व्यवहार, रीति-रिवाज, सार्वजनिक आचरण और स्थानीय संवेदनशीलताओं के बारे में पर्याप्त जानकारी दी जाए।

इसके अलावा नियमित ओरिएंटेशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें आपातकालीन नंबर, पुलिस सहायता, यातायात नियम, साइबर सुरक्षा, नशीले पदार्थों और अन्य कानून-विरोधी गतिविधियों से दूर रहने की जानकारी शामिल होगी।

हर विदेशी छात्र का रिकॉर्ड रखना होगा अपडेट

प्रशासन ने विश्वविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों को विदेशी विद्यार्थियों से संबंधित अद्यतन और सत्यापित जानकारी व्यवस्थित रूप से रखने के निर्देश दिए।

रिकॉर्ड में विद्यार्थियों की संख्या, देश, पाठ्यक्रम, प्रवेश की स्थिति, छात्रावास या आवास का विवरण और आवश्यक संपर्क जानकारी जैसे बिंदुओं को अपडेट रखने पर जोर दिया गया। भारत आगमन से लेकर अध्ययन अवधि और आवास में होने वाले महत्वपूर्ण बदलावों की जानकारी भी समय पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के साथ साझा करने को कहा गया।

राष्ट्रीयता के आधार पर नहीं होगी कार्रवाई

बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि किसी विद्यार्थी के खिलाफ केवल उसकी राष्ट्रीयता के आधार पर कार्रवाई नहीं की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी।

वहीं स्थानीय नागरिकों से भी विदेशी विद्यार्थियों के प्रति सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखने की अपील की गई है। किसी वास्तविक समस्या या कानून-विरोधी गतिविधि की जानकारी मिलने पर संबंधित विश्वविद्यालय प्रशासन, पुलिस या जिला प्रशासन को सूचित करने को कहा गया है।

सुरक्षित माहौल के लिए सभी की जिम्मेदारी

कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने विश्वविद्यालय प्रबंधन, विदेशी विद्यार्थियों और स्थानीय नागरिकों से रायपुर को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने में सहयोग की अपील की।

प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। विश्वविद्यालय प्रबंधन, विद्यार्थी, अभिभावक और स्थानीय समाज के समन्वित प्रयास से ही सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल कायम रखा जा सकता है।