खैरागढ़। जिस उम्र में बच्चों के हाथों में किताब-कॉपी और पेंसिल होनी चाहिए, उसी उम्र में उनसे बर्तन साफ कराने और पानी भरवाने का वीडियो सामने आने के बाद खैरागढ़ में शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो छुईखदान ब्लॉक के ग्राम पंचायत बकरकट्टा के आश्रित ग्राम खाम्ही के प्राथमिक स्कूल का बताया जा रहा है।
वीडियो में छोटे बच्चे पानी भरते और बर्तन साफ करते नजर आ रहे हैं। कुछ बच्चे स्कूल के किचन शेड के आसपास भी दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
VIDEO में दिखे छोटे बच्चे, अब उठ रहे कई सवाल
वायरल वीडियो में बच्चों को पानी भरते और बर्तन साफ करते देखा जा सकता है। इसे लेकर सवाल उठ रहा है कि आखिर स्कूल में पढ़ाई करने की उम्र में छोटे बच्चों से इस तरह का काम क्यों कराया जा रहा था?
हालांकि, वीडियो कब का है और उस समय स्कूल में वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। विभागीय जांच के बाद ही पूरे मामले की तस्वीर साफ हो सकेगी।
DEO ने देखा VIDEO, बोले- बच्चों से ऐसा काम करवाना उचित नहीं
मामले की जानकारी मिलने के बाद जिला शिक्षा अधिकारी मुकुल साव ने वीडियो देखा। उन्होंने कहा कि वीडियो में बहुत छोटे बच्चे दिखाई दे रहे हैं और उनसे इस तरह का काम करवाना उचित नहीं है।
DEO के मुताबिक, जहां खाना बनाया जाता है या मध्याह्न भोजन से संबंधित किचन शेड होता है, उसके आसपास बच्चों का जाना भी उचित नहीं है। अगर बच्चों से पानी भरवाया जा रहा है या उन्हें किचन के अंदर भेजा जा रहा है तो यह स्वच्छता और बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से भी उचित नहीं है।
बीईओ को दिए तत्काल कार्रवाई के निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी ने मामले में संबंधित बीईओ को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मध्याह्न भोजन से जुड़े शिक्षक से स्पष्टीकरण लेने को कहा गया है।
अब शिक्षक के स्पष्टीकरण और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने साफ किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी की जिम्मेदारी तय करना उचित नहीं होगा।
जर्जर भवन के कारण अतिरिक्त कक्ष में चल रहा स्कूल
बताया जा रहा है कि खाम्ही प्राथमिक स्कूल का भवन जर्जर स्थिति में है। इसके चलते फिलहाल स्कूल का संचालन अतिरिक्त कक्ष में किया जा रहा है। इसी बीच बच्चों के पानी भरने और बर्तन साफ करने का वीडियो सामने आने से स्कूल की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं।
वीडियो में दिखाई दे रहे बच्चे बैगा आदिवासी समुदाय से बताए जा रहे हैं। ऐसे में बच्चों को सुरक्षित और उचित शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने को लेकर यह मामला और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।
जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी
स्कूल की जिम्मेदारी संकुल समन्वयक तोरण साहू, प्रधानपाठक राजकमल उइके और सहायक शिक्षक ईश्वर कंवर के जिम्मे बताई गई है। हालांकि, फिलहाल किसी पर सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय नहीं की गई है।
अब जांच में यह पता लगाया जाएगा कि बच्चों से पानी और बर्तन का काम क्यों कराया गया, वीडियो किन परिस्थितियों का है और इसमें किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। स्पष्टीकरण और जांच रिपोर्ट के बाद ही शिक्षा विभाग की अगली कार्रवाई स्पष्ट होगी।
