ओडिशा से गांजा लेकर निकले थे तीन युवक, राजनांदगांव में खपाने की थी तैयारी… महासमुंद में पुलिस ने रास्ते में ही दबोचा

महासमुंद। ओडिशा से गांजा लेकर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जा रहे तीन युवकों की योजना महासमुंद में पुलिस ने नाकाम कर दी। ऑपरेशन निश्चय के तहत अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर चल रही सघन वाहन जांच के दौरान पुलिस ने एक डिजायर कार से 12.260 किलोग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस ने कार सवार तीनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गांजे के अलावा डिजायर कार और चार मोबाइल फोन समेत करीब 11.40 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने गांजा ओडिशा से खरीदकर राजनांदगांव ले जाने और वहां खपाने की योजना की बात बताई है।

मुखबिर की सूचना ने खोला राज

महासमुंद पुलिस के मुताबिक, जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और परिवहन पर रोक लगाने के लिए लगातार वाहनों की जांच की जा रही है। इसी दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ओडिशा की ओर से एक सफेद रंग की डिजायर कार क्रमांक CG 08 BF 7700 में गांजा लेकर कुछ लोग छत्तीसगढ़ की ओर आ रहे हैं।

सूचना मिलते ही अंतरराज्यीय चेक पोस्ट पर तैनात पुलिस टीम को अलर्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद जैसे ही संदिग्ध कार वहां पहुंची, पुलिस ने उसे रोककर तलाशी ली।

कार की तलाशी में मिला 12 किलो से ज्यादा गांजा

कार में तीन युवक सवार थे। पूछताछ में तीनों ने खुद को राजनांदगांव का रहने वाला बताया। पुलिस ने जब कार की सघन तलाशी ली तो उसमें 12.260 किलो गांजा बरामद हुआ।

इसके बाद पुलिस ने तीनों से पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बताया कि वे गांजा ओडिशा के पदमपुर-जोगीमुड़ा क्षेत्र से खरीदकर लाए थे और इसे राजनांदगांव ले जाकर खपाने की योजना थी।

तीनों आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने मामले में राजनांदगांव निवासी खिलेश मंडावी (29), अजय मार्कण्डेय (26) और प्रेम दास मानिकपुरी (19) को गिरफ्तार किया है।

बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा करीब 5 लाख रुपये कीमत की डिजायर कार और लगभग 40 हजार रुपये के चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत करीब 11 लाख 40 हजार रुपये है।

अब तस्करी के नेटवर्क की जांच

तीनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजा कहां से खरीदा गया था, इसके पीछे कौन लोग जुड़े हैं और राजनांदगांव में इसकी सप्लाई किसे की जानी थी।

पुलिस तस्करी की पूरी सप्लाई चेन का पता लगाने के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है। माना जा रहा है कि पूछताछ में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी सामने आ सकती है।