रायपुर। अगर आप पनीर खरीदने जा रहे हैं तो अब आपको पहले से ज्यादा जेब ढीली करनी पड़ सकती है। एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध के बाद दूध से तैयार होने वाले पनीर की मांग अचानक बढ़ गई है और इसके साथ ही कीमतों में भी इजाफा हो गया है। दुग्ध उत्पादक कंपनियों से लेकर स्थानीय डेयरी संचालकों तक ने पनीर के दाम बढ़ा दिए हैं।
राजधानी में अब देवभोग का पनीर करीब 430 रुपये किलो तक पहुंच गया है, जबकि अमूल और वचन के पनीर की कीमत करीब 400 रुपये प्रति किलो हो गई है। स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले पनीर के दाम में भी 40 से 50 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी बताई जा रही है।
31 जुलाई को लगा था एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध
दरअसल, शासन ने 31 जुलाई को एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया था। मिल्क पाउडर समेत अन्य सामग्री से तैयार होने वाले इस पनीर को स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक माना गया था।
प्रतिबंध के बाद बाजार में दूध से तैयार होने वाले पनीर की पूछपरख और मांग बढ़ गई। दूसरी तरफ स्थानीय स्तर पर उत्पादन और दूसरे राज्यों से आने वाली सप्लाई प्रभावित होने के कारण बाजार में असली पनीर की उपलब्धता सीमित हो गई।
दूध की सीमित उपलब्धता से बढ़ी कीमत
राज्य में दूध का उत्पादन सीमित होने के कारण दूध से पनीर बनाने की क्षमता भी सीमित है। एनालॉग पनीर की थोक आपूर्ति जरूरत के मुताबिक आसानी से हो जाती थी, लेकिन प्रतिबंध के बाद बाजार का दबाव सीधे दूध से बनने वाले पनीर पर आ गया।
मांग बनी रहने और उपलब्धता कम होने का असर कीमतों पर दिखाई देने लगा है।
देवभोग, अमूल और वचन के पनीर के दाम बढ़े
पनीर की कीमतों में अलग-अलग कंपनियों ने बढ़ोतरी की है। जानकारी के मुताबिक—
- देवभोग पनीर: करीब ₹430 प्रति किलो
- अमूल पनीर: करीब ₹400 प्रति किलो
- वचन पनीर: करीब ₹400 प्रति किलो
- स्थानीय डेयरी का पनीर: ₹40-50 प्रति किलो तक महंगा
देवभोग ने अपने पनीर के दाम में किलो के हिसाब से करीब 30 रुपये, जबकि चिल्हर बिक्री में करीब 50 रुपये तक की बढ़ोतरी की है। वहीं अमूल और वचन का पनीर पहले करीब 380 रुपये किलो था, जो अब लगभग 400 रुपये तक पहुंच गया है।
जुलाई तक ₹360, अब ₹400 में मिल रहा पनीर
राजधानी के टिकरापारा इलाके में दूध का कारोबार करने वाले एक व्यापारी के मुताबिक, उनके यहां दूध से तैयार पनीर अब करीब 400 रुपये किलो में बिक रहा है। जुलाई तक इसकी कीमत लगभग 360 रुपये थी, लेकिन सप्लायरों की ओर से कीमत बढ़ाए जाने के बाद खुदरा दाम भी बढ़ गया।
मिठाई दुकानों पर भी पनीर की उपलब्धता हुई कम
एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध का असर सिर्फ कीमतों तक सीमित नहीं है। राजधानी की कई छोटी-बड़ी मिठाई दुकानों में भी पनीर की उपलब्धता कम होने की बात सामने आ रही है।
अब पर्याप्त मात्रा में पनीर मुख्य रूप से बड़ी मिठाई दुकानों और डेयरी संचालकों के पास ही उपलब्ध हो रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मांग और सप्लाई का संतुलन नहीं बना तो पनीर की कीमतों पर दबाव और बढ़ सकता है।
