160 गांवों में शुरू हुआ खेती का नया प्रयोग! जीवामृत से लहलहाए मॉडल फार्म, फसल में दिखा बड़ा बदलाव

रायपुर, 25 अगस्त 2026: खेती में बढ़ती लागत और रासायनिक खाद-कीटनाशकों के इस्तेमाल के बीच छत्तीसगढ़ में जैविक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले की 160 पंचायतों में ‘जीवामृत मॉडल फार्म’ तैयार किए गए हैं।

राज्य सरकार और कृषि विभाग किसानों को जैविक खेती के फायदे बताने के साथ-साथ इसे जमीन पर अपनाने के लिए भी प्रेरित कर रहे हैं। जिले की कुल 171 पंचायतों में से अब तक 160 पंचायतों में जीवामृत के उपयोग से मॉडल किसान फार्म तैयार किए जा चुके हैं। इन फार्मों का आसपास और दूसरे गांवों के किसानों को भ्रमण कराया जा रहा है, ताकि वे जैविक खेती की तकनीक और उसके फायदे खुद देखकर समझ सकें।

किसानों को खेत में सिखाई गई जैविक खेती की तकनीक

गौरेला विकासखंड में जीवामृत के उपयोग और जैविक खेती को लेकर व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों से आए किसानों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जीवामृत के इस्तेमाल, मिट्टी की जांच, मृदा गुणवत्ता में सुधार, जैविक खेती और उन्नत कृषि पद्धतियों से जुड़ी जानकारी दी गई।

22 दिन की धान फसल में दिखा असर

प्रशिक्षण के बाद किसानों को गौरेला के किसान बृजलाल राठौर के फार्म का भ्रमण कराया गया। यहां म्यूटेंट विष्णुभोग धान की फसल में जीवामृत का इस्तेमाल किया गया है।

कृषि विभाग के अनुसार, महज 22 दिन की फसल में सुगंध आने के साथ बेहतर वृद्धि देखी गई। वहीं फसल में कीट और बीमारी का प्रकोप भी नहीं पाया गया।

फार्म पर फसल की स्थिति देखकर किसानों में जीवामृत के इस्तेमाल और जैविक खेती को अपनाने को लेकर उत्साह बढ़ा।

मॉडल फार्म से दूसरे किसानों को भी मिलेगा फायदा

कृषि विभाग की योजना इन मॉडल फार्मों को किसानों के लिए प्रैक्टिकल लर्निंग सेंटर की तरह उपयोग करने की है। किसान यहां पहुंचकर जैविक खेती की तकनीक, जीवामृत के इस्तेमाल और फसल पर उसके प्रभाव को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे।

अधिकारियों का कहना है कि किसानों को केवल जानकारी देने के बजाय जब वे किसी दूसरे किसान के खेत में तकनीक का परिणाम अपनी आंखों से देखते हैं, तो नई पद्धति अपनाने का भरोसा और रुचि दोनों बढ़ती हैं।

जैविक खेती को बढ़ावा देने पर जोर

राज्य सरकार कृषि क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को लगातार जागरूक कर रही है। कृषि विभाग की ओर से समय-समय पर प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और खेत भ्रमण जैसी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।

GPM जिले में 160 पंचायतों तक पहुंचे इस ‘जीवामृत मॉडल फार्म’ अभियान से किसानों को जैविक खेती की ओर आकर्षित करने और प्राकृतिक तरीके से फसल उत्पादन को बढ़ावा देने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।