छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को मिला नया जज, ओडिशा से हुआ तबादला… जानिए कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को जल्द ही एक नया न्यायाधीश मिलने जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के तबादले की सिफारिश छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के लिए की है। कॉलेजियम की इस सिफारिश के बाद छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में न्यायिक कामकाज को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यह फैसला ऐसे समय में आया है, जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आने वाले समय में कई न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं। ऐसे में जस्टिस मोहपात्रा का तबादला हाईकोर्ट के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई थी बैठक

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की बैठक 6 अगस्त को CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता में हुई थी। बैठक में चार न्यायाधीशों को अलग-अलग हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश के रूप में पदोन्नत करने की सिफारिश के साथ ही ओडिशा हाईकोर्ट के दो न्यायाधीशों के तबादले की अनुशंसा की गई।

कॉलेजियम की सिफारिश के मुताबिक:

  • दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस वी. कामेश्वर राव को पटना हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश।
  • बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस रविंद्र वी. घुगे को कलकत्ता हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा।
  • इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी को बॉम्बे हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की सिफारिश।
  • पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा को उसी हाईकोर्ट का मुख्य न्यायाधीश बनाने की अनुशंसा।

इसके अलावा ओडिशा हाईकोर्ट के जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का तबादला छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और जस्टिस मानस रंजन पाठक का तबादला गुजरात हाईकोर्ट करने की सिफारिश की गई है।

कौन हैं जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा?

जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा का जन्म 18 अप्रैल 1965 को हुआ था। उनका परिवार भी न्यायिक पृष्ठभूमि से जुड़ा रहा है। उनके पिता सरत चंद्र मोहपात्रा जज रह चुके हैं।

उन्होंने बीए और एलएलबी की शिक्षा हासिल की। इसके बाद 7 फरवरी 1988 को ओडिशा स्टेट बार काउंसिल में अधिवक्ता के रूप में पंजीकरण कराया।

वकालत के दौरान उन्होंने सिविल, सेवा, आपराधिक और संवैधानिक मामलों समेत कानून की अलग-अलग शाखाओं में काम किया। उन्हें करीब 26 वर्षों का वकालत का अनुभव रहा है।

कई अहम कानूनों से जुड़े मामलों में रहा अनुभव

जस्टिस मोहपात्रा को अभिभावक एवं आश्रित अधिनियम, हिंदू अल्पसंख्यक एवं संरक्षकता अधिनियम, हिंदू दत्तक ग्रहण और भरण-पोषण अधिनियम तथा किशोर न्याय अधिनियम से जुड़े मामलों में भी अनुभव रहा है।

उन्होंने ओडिशा सरकार और ओडिशा लोक सेवा आयोग के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील के तौर पर भी काम किया है।

इसके अलावा उन्होंने कई सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों से जुड़े मामलों में भी पैरवी की। इनमें सेंट्रल कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड, क्योंझर, भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अधीन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS), नीलाचल इस्पात निगम लिमिटेड और बैंक ऑफ बड़ौदा समेत कई संस्थान शामिल हैं।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में आने वाले समय में बदल सकती है स्थिति

जस्टिस मोहपात्रा का तबादला ऐसे समय में हुआ है, जब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अगले दो महीनों के दौरान तीन न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

जानकारी के मुताबिक जस्टिस संजय एस. अग्रवाल और जस्टिस राधाकिशन अग्रवाल अगस्त में रिटायर होंगे, जबकि हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा सितंबर में सेवानिवृत्त होंगे।

इन सेवानिवृत्तियों के बाद हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या कम हो जाएगी। वर्तमान में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस समेत कुल 13 जज कार्यरत हैं।

ऐसे में जस्टिस कृष्ण राम मोहपात्रा के तबादले को हाईकोर्ट में न्यायिक कामकाज को बनाए रखने और मामलों के निपटारे की प्रक्रिया को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।