रायपुर: कटघोरा में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की कांस्य प्रतिमा की जगह कथित रूप से सीमेंट की प्रतिमा लगाए जाने के विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने मामले को गंभीर बताते हुए पूरे प्रदेश में स्थापित अटल प्रतिमाओं की जांच कराने की मांग की है।
“सिर्फ एक सस्पेंशन काफी नहीं”
मीडिया से बातचीत में अजय चंद्राकर ने कहा कि इस मामले में एक सब-इंजीनियर को निलंबित किया गया है, लेकिन केवल इतनी कार्रवाई पर्याप्त नहीं है।
उन्होंने कहा कि यदि कहीं प्रतिमा निर्माण में अनियमितता हुई है, तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में राज्यभर में स्थापित अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाओं का परीक्षण कराया जाना चाहिए और जहां भी गड़बड़ी मिले, वहां दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
बस्तर पंडुम को लेकर कांग्रेस पर पलटवार
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज द्वारा बस्तर पंडुम कार्यक्रम में भ्रष्टाचार के लगाए गए आरोपों पर भी अजय चंद्राकर ने तीखी प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी आयोजन में खर्च हुई राशि का ऑडिट होता है और यदि कोई शिकायत होगी तो उसकी जांच भी होगी। उन्होंने आरोप लगाया कि यह आयोजन कांग्रेस शासन के राजीव मितान क्लब की तरह नहीं है और कांग्रेस बेवजह आरोप लगाकर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश कर रही है।
स्मार्ट मीटर आंदोलन पर भी कांग्रेस को घेरा
स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा शुरू किए गए राज्यव्यापी आंदोलन को लेकर भी अजय चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में शुरू हुई थी। इसलिए कांग्रेस को पहले अपनी ही सरकार से सवाल पूछना चाहिए कि इस योजना की शुरुआत किसके कार्यकाल में हुई।
अटल प्रतिमा विवाद ने बढ़ाई सियासी हलचल
कटघोरा की प्रतिमा को लेकर उठे विवाद के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं। अब यह देखना होगा कि सरकार पूरे प्रदेश में प्रतिमाओं की जांच कराने के संबंध में क्या फैसला लेती है और मामले में आगे क्या कार्रवाई होती है।
