रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है और आने वाले 48 घंटे प्रदेश के लिए भारी पड़ सकते हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। खासकर सरगुजा और बस्तर संभाग में लगातार बारिश का दौर जारी है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
राजधानी रायपुर में बुधवार सुबह से आसमान पर काले बादलों का डेरा रहा। दोपहर तक उमस से लोग बेहाल रहे, लेकिन बाद में हुई हल्की बूंदाबांदी से राहत मिली। गुरुवार को भी शहर का मौसम इसी तरह बना हुआ है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, औसत समुद्र तल पर पंजाब से लेकर बंगाल की खाड़ी के उत्तरी हिस्से तक एक मौसमी द्रोणिका सक्रिय है। वहीं, बंगाल की खाड़ी और उससे लगे दक्षिणी बांग्लादेश के ऊपर ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से 3 जुलाई 2026 के आसपास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है, जिससे छत्तीसगढ़ में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं।
इसके अलावा उत्तर छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है, जो प्रदेश में व्यापक वर्षा के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि कई जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश में सबसे अधिक अधिकतम तापमान बलरामपुर-रामानुजगंज में 34.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा बिलासपुर में 34 डिग्री, जशपुर में 33.5 डिग्री, अंबिकापुर में 33.1 डिग्री, कोरबा में 32.9 डिग्री, दुर्ग में 30.6 डिग्री और जगदलपुर में 28.2 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।
मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने और भारी बारिश के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। आने वाले दो दिन प्रदेश के कई इलाकों में मौसम का मिजाज और अधिक उग्र हो सकता है।
