हर चोरी के बाद बच निकलते थे शातिर, लेकिन इस बार मोबाइल ऐप ने खोल दिया पूरा राज… 5 चोरी की बाइक-स्कूटी बरामद

 

बिलासपुर। बिलासपुर पुलिस के आधुनिक ‘सशक्त’ मोबाइल ऐप ने वाहन चोरी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। सरकंडा थाना पुलिस ने ऐप की मदद से दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से चोरी की पांच दोपहिया वाहन बरामद किए हैं। पूछताछ में आरोपियों ने पिछले दो वर्षों के दौरान की गई कई चोरी की वारदातों का भी खुलासा किया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार, 14 जून 2026 को विवेकानंद नगर मोपका निवासी कमलेश चंद्राकर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 13 जून की रात उनके घर के बाहर खड़ी एक्टिवा स्कूटी (CG 10 BN 1325) चोरी हो गई। मामले में सरकंडा थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक निमितेश सिंह के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी प्रदीप कुमार आर्य तथा मोपका चौकी प्रभारी ओमप्रकाश कुर्रे की टीम लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि संदिग्ध सुजल दर्वे उर्फ रिंकू के पास एक संदिग्ध मोटरसाइकिल है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर वाहन का विवरण ‘सशक्त ऐप’ में जांचा, जिसमें वह चोरी का वाहन निकला। इसके बाद घेराबंदी कर दो युवकों को हिरासत में ले लिया गया।

पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने वर्तमान चोरी की घटना स्वीकार करने के साथ ही वर्ष 2025 और 2026 में की गई चार अन्य वाहन चोरी की वारदातों का भी खुलासा किया। आरोपियों की पहचान सुरेन्द्र भुनेश्वर (22) और सुजल दर्वे उर्फ रिंकू (24), निवासी खाल्हेपारा मोपका, थाना सरकंडा के रूप में हुई है।

आरोपियों ने बताया कि जुलाई 2025 में विवेकानंद कॉलोनी से एक एक्टिवा स्कूटी चोरी कर 10 हजार रुपये में बेच दी थी। इसके अलावा अक्टूबर 2025 में एक स्प्लेंडर बाइक, फरवरी 2026 में गोड़पारा साईं मंदिर के पास से एक अन्य एक्टिवा तथा जून 2026 में ठाकुर देव मंदिर मोपका के पास से एक यामाहा बाइक चोरी कर कम कीमत पर बेच दी थी।

पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर चोरी की कुल पांच दोपहिया वाहन बरामद कर जब्त कर लिए हैं। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब उन लोगों की भी पहचान कर रही है जिन्होंने बिना वैध दस्तावेजों के चोरी के वाहन खरीदे थे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे खरीदारों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकंडा पुलिस का कहना है कि ‘सशक्त ऐप’ अपराधियों की पहचान और चोरी के वाहनों की ट्रैकिंग में बेहद कारगर साबित हो रहा है, जिससे कई पुराने मामलों का भी खुलासा होने लगा है।