बलरामपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के ग्राम सनावल में एक आदिवासी परिवार की पुश्तैनी जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग छत्तीसगढ़ ने इस मामले को लेकर कलेक्टर बलरामपुर को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। समाज के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार, सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग के प्रदेश उपाध्यक्ष उदय कुमार पण्डो के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ग्राम कामेश्वर नगर निवासी गोड अनुसूचित जनजाति परिवार के रामज्ञान पच्ची और रामवृक्ष पच्ची की पुश्तैनी काबिज भूमि, खसरा नंबर 441, रकबा 0.4500 हेक्टेयर पर गैर-आदिवासी व्यक्तियों द्वारा कब्जे का प्रयास किया जा रहा है।
“बिना सहमति कराई गई नपाई, कब्जे की कोशिश”
ज्ञापन में दावा किया गया है कि संबंधित भूमि पर वर्षों से आदिवासी परिवार का कब्जा है और वहां मकान-बाड़ी तथा हैंडपंप भी मौजूद है। आरोप है कि शिवशंकर साव और मुन्ना साव द्वारा कथित रूप से बिना सूचना और सहमति के भूमि की नपाई कराकर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। साथ ही कूटरचित दस्तावेज तैयार कर नियम विरुद्ध पट्टा बनवाने का भी आरोप लगाया गया है।
SC/ST एक्ट के तहत कार्रवाई की मांग
प्रदेश उपाध्यक्ष उदय कुमार पण्डो ने कहा कि संविधान की पांचवीं अनुसूची और छत्तीसगढ़ भू-राजस्व संहिता की धारा 165(6) के अनुसार अनुसूचित जनजाति की भूमि का हस्तांतरण या कब्जा बिना सक्षम अनुमति के नहीं किया जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि आदिवासी परिवार को डराने-धमकाने और बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है।
प्रशासन से की गई ये प्रमुख मांगें
ज्ञापन के माध्यम से समाज ने मांग की है कि—
- विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार की अवैध नपाई और कब्जे की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए।
- राजस्व विभाग से निष्पक्ष सीमांकन कराया जाए।
- वास्तविक काबिज आदिवासी परिवार को कानूनी संरक्षण और कब्जा दिलाया जाए।
- आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ SC/ST एक्ट सहित संबंधित धाराओं में FIR दर्ज की जाए।
आंदोलन की चेतावनी
सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा। ज्ञापन की प्रतिलिपि आयुक्त सरगुजा संभाग, आईजी सरगुजा, पुलिस अधीक्षक बलरामपुर, तहसीलदार रामचंद्रपुर और थाना प्रभारी सनावल को भी भेजी गई है।
हालांकि, मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनका पक्ष अभी सामने नहीं आया है। प्रशासनिक जांच और राजस्व अभिलेखों की पड़ताल के बाद ही विवाद की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
