जेल से निकले, सड़क पर मचाया आतंक! कारों के काफिले में दबंगई दिखा रहे थे 9 आरोपी, पुलिस ने फिर पहुंचा दिया सलाखों के पीछे

बलौदाबाजार। जेल से रिहा होने के कुछ ही घंटों बाद 9 आरोपियों ने ऐसा कारनामा कर दिया कि उन्हें फिर से सलाखों के पीछे पहुंचना पड़ा। आरोपियों ने कारों और बाइकों का काफिला निकालकर शहर में दबंगई का प्रदर्शन किया, स्टंटबाजी की, लोगों को डराया-धमकाया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया। लेकिन उनकी यह ‘दहशत रैली’ ज्यादा देर तक नहीं चल सकी और पुलिस ने सभी को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

जेल से निकले और शुरू कर दिया शक्ति प्रदर्शन

मामला भाटापारा शहर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार मारपीट, हुड़दंग और सार्वजनिक शांति भंग करने जैसे मामलों में जेल भेजे गए 9 आरोपी 5 जून की रात जमानत पर रिहा हुए थे। लेकिन जेल से बाहर आते ही उन्होंने कानून का मजाक उड़ाते हुए कारों और बाइकों का काफिला निकाल दिया।

रात करीब 10 बजे कल्याण सागर वार्ड स्थित तालाब पार रोड पर आरोपियों ने रैली निकाली। इस दौरान कई युवक कारों की खिड़कियों से बाहर लटकते दिखाई दिए, जबकि कुछ वाहन तेज रफ्तार में स्टंट करते नजर आए।

सड़क पर फैलाई दहशत, राहगीरों से भी बदसलूकी

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक काफिले में शामिल युवकों ने सड़क पर जमकर हुड़दंग मचाया। कई राहगीरों और स्थानीय लोगों के साथ बदसलूकी की गई। क्षेत्र में ऐसा माहौल बन गया कि लोग सहम गए और सड़क पर अफरा-तफरी जैसी स्थिति पैदा हो गई।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आरोपियों का स्वागत करते हुए कुछ लोगों को माला पहनाते और आतिशबाजी करते भी देखा जा सकता है। वीडियो में खुलेआम दबंगई और शक्ति प्रदर्शन नजर आ रहा है।

इंस्टाग्राम रील बनी गिरफ्तारी की वजह

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया था। यही वीडियो पुलिस तक पहुंचा और फिर कार्रवाई की शुरुआत हुई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर सभी आरोपियों को पकड़ लिया।

पुलिस का सख्त संदेश

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में आदित्य साहू, सागर धीवर, मनीष धृतलहरे उर्फ सूर्या, वसीम अली, संतोष उर्फ छोटू मनहरे, सागर यादव, आशीष ध्रुव, हेमंत भाट और ओम ध्रुव शामिल हैं।

पुलिस ने सभी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 170, 126 और 135(3) के तहत मामला दर्ज कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर दोबारा जेल भेज दिया गया।

SP बोले- जमानत का मतलब गुंडागर्दी की छूट नहीं

मामले पर एसपी ओपी शर्मा ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जमानत का मतलब कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाने, लोगों में खौफ फैलाने और कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि जेल से छूटना कोई उपलब्धि है, लेकिन इस तरह की हरकतें सीधे तौर पर दोबारा जेल का रास्ता खोल देती हैं। बलौदाबाजार में हुई यह घटना उन लोगों के लिए भी बड़ा सबक बन गई है जो सोशल मीडिया पर दबंगई दिखाकर कानून को चुनौती देने की कोशिश करते हैं।