8वें वेतन आयोग में बड़े बदलाव की उम्मीद, कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर!

15 की बजाय 11 साल में कम्यूटेड पेंशन बहाली?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (JCM) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विस्तृत पत्र लिखकर 8वें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) में मौजूद ‘अनियमितताओं और गंभीर कमियों’ की ओर ध्यान आकर्षित किया है। परिषद ने अपने पत्र में विशेष रूप से पेंशन संबंधी मुद्दों पर जोर दिया है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों में उम्मीद की नई किरण जगी है।

कम्यूटेड पेंशन की बहाली 15 की जगह 11 साल में?

केंद्र सरकार ने 3 नवंबर 2025 को 8वें वेतन आयोग के ToR अधिसूचित किए थे। इससे पहले जनवरी 2025 में आयोग की घोषणा और मार्च में एनसी जेसीएम द्वारा सुझाव सौंपे जा चुके थे। इन सुझावों में सबसे अहम मांग है—
✔ कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष की जाए।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें राहत मिलेगी।

पेंशन से जुड़ी प्रमुख मांगें

स्टाफ साइड ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में निम्नलिखित उपाय ToR में शामिल करने की सिफारिश की है—

  1. कम्यूटेड पेंशन की बहाली 11 वर्षों में करने का प्रस्ताव।

  2. हर 5 साल में पेंशन पर 5% अतिरिक्त बढ़ोतरी, जैसा कि संसदीय स्थायी समिति ने अनुशंसित किया है।

  3. CCS (Pension) Rules, 1972/2021 के तहत आने वाले सभी पेंशनरों व फैमिली पेंशनरों को पेंशन संशोधन का लाभ दिया जाए।

परिषद ने कहा कि ये कदम बुजुर्ग पेंशनभोगियों के जीवन में सम्मान व आर्थिक संतुलन सुनिश्चित करेंगे।

NPS कर्मचारियों के लिए OPS बहाली की मांग तेज

परिषद ने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि
1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त 26 लाख केंद्रीय कर्मचारी—including रेलवे, रक्षा सिविलियन और CAPF कर्मी—NPS के बदले OPS की बहाली की मांग कर रहे हैं।

OPS एक गारंटीड पेंशन व्यवस्था है, जिसके हटने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा है। परिषद ने आग्रह किया कि OPS बहाली को भी 8वें वेतन आयोग के ToR में शामिल किया जाए ताकि इसे व्यापक रूप से परखा जा सके।

69 लाख पेंशनरों को बाहर रखने पर नाराजगी

एनसी जेसीएम ने यह कहते हुए गंभीर आपत्ति जताई कि
69 लाख केंद्रीय पेंशनभोगियों और फैमिली पेंशनरों को 8वें वेतन आयोग के दायरे से बाहर रखा गया है।

परिषद ने इसे अनुचित और अस्वीकार्य बताया और कहा कि ये वे लोग हैं जिन्होंने अपना जीवन देश की सेवा में लगाया है—आज कई लोग बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं, इसलिए उनका पेंशन संशोधन अधिकार सुरक्षित होना चाहिए।

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