नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के रेड फोर्ट कार ब्लास्ट की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की जांच में सामने आया है कि विस्फोटक से भरी ह्यूंडई i20 कार चलाने वाला डॉक्टर उम्मर उन-नबी इस पूरे “व्हाइट कॉलर टेरर नेटवर्क” का सबसे कट्टर सदस्य था। जांच के अनुसार, उम्मर आत्मघाती हमलों को सही मानता था और खुद को “शहीद” के रूप में पेश करना चाहता था।
वीडियो सबूत ने बढ़ाया मामला
एजेंसियों को उम्मर के मोबाइल से एक वीडियो मिला, जिसमें वह अकेले अंग्रेजी में आत्मघाती हमलों का समर्थन करता दिखा। यह वीडियो अप्रैल का बताया जा रहा है और पुलवामा के कोइल क्षेत्र में फेंके गए फोन से फॉरेंसिक टीम ने डेटा रिकवर किया। वीडियो से संकेत मिलता है कि उम्मर न सिर्फ कट्टर था, बल्कि अन्य सदस्यों को भी इसी राह पर ले जाने की कोशिश कर रहा था।
NIA की पुष्टि, उम्मर ही था आत्मघाती हमलावर
NIA ने पुष्टि की है कि फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी का डॉक्टर उम्मर उन-नबी ही वह आत्मघाती हमलावर था जिसने 10 नवंबर को रेड फोर्ट के पास विस्फोट किया। इस हमले में 12 लोगों की मौत हुई। DNA जांच में ब्लास्ट साइट से मिले नमूनों का मिलान उसकी मां के नमूनों से हुआ, जिसके बाद उसके दो भाइयों और मां को हिरासत में लिया गया।
जांच में अन्य गिरफ्तारियां और नेटवर्क का खुलासा
जांच में अब तक तीन अन्य डॉक्टर – डॉ. मुझम्मिल गनई, डॉ. शहीन शाहिद और डॉ. अदील रदर – को गिरफ्तार किया जा चुका है। एजेंसियों को संदेह है कि रदर का भाई डॉ. मुझ्जफर अफगानिस्तान में इस नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। इसके अलावा डॉ. निसार-उल-हसन और कई अन्य डॉक्टरों से भी पूछताछ की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
पूर्व जम्मू-कश्मीर पुलिस प्रमुख एस.पी. वैद ने कहा कि शिक्षित पेशेवरों, खासकर डॉक्टरों, का आत्मघाती हमलों में शामिल होना बेहद चिंताजनक है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल जांच कर रही है कि विस्फोटक कहां से आए, इतनी गाड़ियों की व्यवस्था किसने की और क्या 2019 पुलवामा हमले की तर्ज पर हमले की साजिश बनाई जा रही थी।
व्यापक जांच जारी
जांच अब दिल्ली, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश तक फैल चुकी है। यह केस भारत में “व्हाइट कॉलर टेरर” नेटवर्क की सबसे बड़ी साजिशों में से एक के रूप में सामने आया है, जिसमें उच्च शिक्षित लोगों की भूमिका सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है।
