बिहार चुनाव से पहले नीतीश कुमार की आस्था यात्रा से बढ़ी सियासी हलचल

मंदिर और मजार दोनों जगह पहुंचे मुख्यमंत्री, हरा साफा पहनकर मांगी अमन-चैन की दुआ

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के दोनों चरणों का मतदान समाप्त होने के बाद अब सभी की नजरें 14 नवंबर को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार को आस्था और विश्वास का संदेश देते हुए मंदिर और मजार दोनों का दौरा किया।
उन्होंने पहले पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में पूजा-अर्चना की, उसके बाद हाईकोर्ट स्थित मजार पर चादर चढ़ाई और राज्य की खुशहाली, शांति और सद्भाव के लिए दुआ मांगी। इस दौरान नीतीश कुमार हरे रंग का साफा पहने नजर आए।

मंदिर और मजार दोनों पर टेका माथा

मुख्यमंत्री के साथ वरिष्ठ मंत्री विजय कुमार चौधरी भी मौजूद रहे। नीतीश कुमार ने महावीर मंदिर में बजरंगबली के दर्शन किए और पूजा के बाद मजार पहुंचकर सांप्रदायिक एकता की मिसाल पेश की। उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं।

सोशल मीडिया पर चर्चाएं तेज

नीतीश कुमार की इस धार्मिक यात्रा को लेकर सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। कुछ यूजर्स इसे “नीतीश कुमार की संभावित राजनीतिक पलटी” के संकेत के रूप में देख रहे हैं। चुनाव परिणाम से पहले उनकी यह आस्था यात्रा राजनीतिक रणनीति के रूप में भी देखी जा रही है।

एग्जिट पोल में एनडीए को बढ़त

मंगलवार को जारी एग्जिट पोल्स में बिहार में एक बार फिर एनडीए सरकार बनने के संकेत मिले हैं।
आईएएनएस-मैटराइज सर्वे के अनुसार,

  • एनडीए को 147-167 सीटें,

  • इंडिया गठबंधन को 70-90 सीटें मिलने का अनुमान है।

एनडीए में

  • भाजपा को 65-73,

  • जेडीयू को 67-75,

  • लोजपा (रामविलास) को 7-9 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है।

वहीं इंडिया गठबंधन में

  • राजद को 53-58,

  • कांग्रेस को 10-12,

  • वाम दलों को 5-8 सीटें मिलने का अनुमान है।

मतगणना से पहले बढ़ा सियासी तापमान

चुनावी नतीजों से पहले नीतीश कुमार की मंदिर-मजार यात्रा ने बिहार की राजनीति को एक बार फिर गर्मा दिया है। अब सबकी निगाहें 14 नवंबर को आने वाले नतीजों पर हैं, जो तय करेंगे कि नीतीश कुमार अपनी सियासी राह पर कायम रहते हैं या एक बार फिर “पलटी मारते” हैं।

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