CJP प्रदर्शन के बीच दिल्ली से चंडीगढ़ तक पुलिस की कार्रवाई, जंतर-मंतर पर वृंदा करात और M.A. बेबी हिरासत में; CEC के मुद्दे पर मनीष सिसोदिया समेत AAP नेताओं को भी रोका

 

नई दिल्ली। CJP प्रदर्शन को लेकर दिल्ली और चंडीगढ़ में पुलिस की कार्रवाई की खबर सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, दिल्ली के जंतर-मंतर पर CPI-M के महासचिव M.A. बेबी, वरिष्ठ नेता वृंदा करात और पार्टी के अन्य नेताओं को हिरासत में लिया गया। वहीं, चंडीगढ़ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के मुद्दे को लेकर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया और पंजाब AAP के कई कार्यकर्ताओं व नेताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया।

प्रदर्शन के बीच ध्रुव राठी, दीपके, रांका और सौरभ समेत सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिए जाने की भी खबर दी गई है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में हिरासत में लिए गए सभी लोगों की पूरी सूची, पुलिस की कार्रवाई के कारण और संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान शामिल नहीं हैं।

जंतर-मंतर पर CPI-M नेताओं को हिरासत में लेने की खबर

दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दौरान M.A. बेबी, वृंदा करात और CPI-M के अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

चंडीगढ़ में मनीष सिसोदिया और AAP कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई

चंडीगढ़ में मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय के बाहर CEC ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। इस दौरान मनीष सिसोदिया और पंजाब आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं व नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। प्रदर्शन की मांगों, हिरासत की अवधि और आगे की कार्रवाई को लेकर विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

घटनाक्रम से जुड़े सभी पक्षों के आधिकारिक बयान और पुलिस की विस्तृत जानकारी मिलने के बाद स्थिति की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

महत्वपूर्ण तथ्य-सुधार: ताजा रिपोर्टों के अनुसार, 10 अक्टूबर 2026 के CJP प्रदर्शन में ध्रुव राठी को गुरुग्राम स्थित उनके आवास से हिरासत में लिया गया, जबकि अभिजीत दीपके, सौरव दास और आशुतोष रांका को दिल्ली एयरपोर्ट पर हिरासत में लिए जाने की खबर है। CPI(M) के M.A. बेबी और वृंदा करात समेत कई नेताओं को भी हिरासत में लिया गया। प्रदर्शन मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से जुड़े मुद्दों पर बुलाया गया था।

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