राजनांदगांव में बाइक चोर गिरोह का पर्दाफाश, 7 मोटरसाइकिल बरामद; CCTV से खुला तीन जिलों में चोरी का राज

 

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पुलिस ने अंतरजिला बाइक चोरी के मामले का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साइबर सेल और बसंतपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर चोरी की सात मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, चोरी का यह नेटवर्क राजनांदगांव के अलावा दुर्ग और बालोद जिले तक फैला हुआ था।

पुलिस ने आरोपियों के पास से दो फर्जी आरसी और एक फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की है। इस बरामदगी के बाद पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी दस्तावेज और नंबर प्लेट कहां तैयार किए गए और इस पूरे नेटवर्क में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।

बाइक चोरी की एक घटना से शुरू हुई जांच

मामले की शुरुआत 6 सितंबर को हुई बाइक चोरी की घटना से हुई थी। शिकारीमहका निवासी जयकुमार सिन्हा की HF Deluxe मोटरसाइकिल क्रमांक CG 08 W 7699 साइंस कॉलेज स्थित पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम के पास खड़ी थी। इसी दौरान अज्ञात आरोपी बाइक चोरी कर फरार हो गया।

पीड़ित की शिकायत पर बसंतपुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। क्षेत्र में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया। इसके बाद पुलिस टीम ने चोरी की घटना से जुड़े सुराग जुटाने शुरू किए।

CCTV फुटेज ने खोला आरोपी तक पहुंचने का रास्ता

साइबर सेल और बसंतपुर पुलिस की टीम ने घटनास्थल के साथ आसपास के इलाकों में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा तकनीकी जानकारी और दूसरे साक्ष्यों का भी विश्लेषण किया गया। जांच के दौरान पुलिस को बालोद जिले के परसतरई निवासी देवाशीष गजेंद्र के बारे में जानकारी मिली।

पुलिस ने देवाशीष गजेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान उसने राजनांदगांव, दुर्ग और बालोद जिले के अलग-अलग इलाकों से कुल सात मोटरसाइकिल चोरी करने की बात स्वीकार की।

आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिलों की तलाश शुरू की। इसी दौरान पुलिस को चोरी की बाइक को आगे बेचने वाले एक अन्य व्यक्ति के बारे में भी जानकारी मिली।

बिलासपुर में खपाई जा रही थीं चोरी की बाइक

पुलिस के अनुसार, देवाशीष चोरी की मोटरसाइकिलें बिलासपुर निवासी शेख अमीन को बेचता था। इसके बाद पुलिस टीम बिलासपुर पहुंची और संभावित ठिकाने पर दबिश देकर शेख अमीन को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने शेख अमीन के कब्जे से चोरी की तीन मोटरसाइकिलें बरामद करने का दावा किया है। वहीं, देवाशीष की निशानदेही और उसके कब्जे से चार अन्य मोटरसाइकिलें जब्त की गईं। इस तरह पुलिस ने कुल सात चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

फर्जी RC और नंबर प्लेट मिलने से बढ़ा जांच का दायरा

पुलिस कार्रवाई के दौरान देवाशीष के कब्जे से दो फर्जी RC और एक फर्जी नंबर प्लेट भी मिली है। बरामद मोटरसाइकिलों में HF Deluxe, Passion Pro, CB Shine और Honda की अन्य बाइक शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, इनमें से अलग-अलग वाहन राजनांदगांव, बालोद और दुर्ग जिलों से चोरी किए गए थे।

जांच में एक Honda Shine बाइक को OLX के माध्यम से खरीदे जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि बाइक की खरीद-फरोख्त किस तरह हुई और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं।

आरोपियों से जुड़े लोगों और पुराने रिकॉर्ड की जांच

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बालोद जिले के परसतरई निवासी देवाशीष गजेंद्र उम्र 30 वर्ष और बिलासपुर के तिफरा देवनगर निवासी शेख अमीन उम्र 33 वर्ष के रूप में हुई है। दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड खंगालने के साथ ही उनसे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपियों ने चोरी की अन्य मोटरसाइकिलें भी कहीं बेची हैं या नहीं।

दो फर्जी RC और फर्जी नंबर प्लेट की बरामदगी के बाद पुलिस जांच का दायरा और बढ़ा रही है। फिलहाल साइबर सेल और बसंतपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में तीन जिलों से जुड़ी बाइक चोरी की घटनाओं का खुलासा हुआ है। मामले में आगे की जांच जारी है और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।