अंबिकापुर में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जमशेदपुर में हुए गोलीकांड के बाद फरार चल रहे चार संदिग्ध शूटरों को अंबिकापुर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी कार से झारखंड से निकलकर छत्तीसगढ़ की ओर भाग रहे थे। झारखंड पुलिस से मिली सूचना के बाद छत्तीसगढ़ और ओडिशा में नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान अंबिकापुर पुलिस ने चारों को पकड़ लिया।
जानकारी के अनुसार, अंबिकापुर के मणिपुर थाना क्षेत्र में पुलिस टीम वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान एक आर्टिगा कार को पुलिस ने रोका। कार की तलाशी लेने के साथ उसमें सवार चार लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस को उनकी पहचान और गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद चारों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रारंभिक जांच में पुलिस को इन चारों के जमशेदपुर गोलीकांड से जुड़े होने का संदेह है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी इसी कार से फरार हुए थे और झारखंड से निकलकर छत्तीसगढ़ की तरफ आ रहे थे। हालांकि, मामले में आरोपियों की भूमिका की पुष्टि आगे की जांच और पूछताछ के बाद होगी।
जमशेदपुर में तीन लोगों पर चली थी गोली
बताया जा रहा है कि जमशेदपुर में तीन लोगों को गोली मारी गई थी। इस हमले में तीन लोग घायल हुए हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए थे। इसके बाद झारखंड पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और उनके छत्तीसगढ़ की ओर भागने की सूचना संबंधित पुलिस अधिकारियों को दी।
सूचना मिलने के बाद झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस के बीच समन्वय बनाया गया। प्रमुख मार्गों पर नाकेबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच बढ़ाई गई। इसी कार्रवाई के दौरान अंबिकापुर पुलिस को संदिग्ध आर्टिगा कार के बारे में जानकारी मिली और उसमें सवार चारों लोगों को पकड़ लिया गया।
झारखंड पुलिस पहुंची अंबिकापुर
चारों संदिग्धों की गिरफ्तारी की सूचना मिलने के बाद झारखंड पुलिस की टीम अंबिकापुर पहुंच गई है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की नियमानुसार मेडिकल जांच कराई जाएगी। इसके बाद उन्हें झारखंड पुलिस को सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
फिलहाल पुलिस चारों संदिग्धों से पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि जमशेदपुर में गोलीकांड की योजना कैसे बनाई गई थी, वारदात में उनकी क्या भूमिका थी और क्या इस मामले में अन्य लोग भी शामिल हैं।
तीन राज्यों की पुलिस के तालमेल से मिली सफलता
इस कार्रवाई में झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा पुलिस के बीच समन्वय अहम रहा। झारखंड से मिली सूचना के आधार पर छत्तीसगढ़ की सीमाओं और प्रमुख मार्गों पर निगरानी बढ़ाई गई थी। इसी दौरान वाहन जांच में चार संदिग्ध पुलिस की पकड़ में आ गए।
अब झारखंड पुलिस की जांच के बाद ही गोलीकांड से जुड़े पूरे घटनाक्रम और आरोपियों की भूमिका को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
