कोरबा। छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मछली पकड़ने के दौरान एक दर्दनाक हादसे में 40 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। उरगा थाना क्षेत्र के कुदुरमाल एनिकट में शनिवार को अपनी पत्नी के साथ मछली पकड़ने पहुंचे धरम धनुहार अचानक गहरे पानी में चले गए और देखते ही देखते डूब गए। पत्नी ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव के कारण वह सफल नहीं हो सकी।
पत्नी की आंखों के सामने पानी में समा गया युवक
जानकारी के अनुसार, परसाभवना गांव निवासी धरम धनुहार शनिवार 19 सितंबर की सुबह अपनी पत्नी के साथ कुदुरमाल एनिकट पहुंचे थे। दोनों वहां मछली पकड़ रहे थे। इसी दौरान धरम अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे।
पति को पानी में डूबता देख पत्नी ने उन्हें बचाने का प्रयास किया। उसने काफी कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण वह धरम को बाहर नहीं निकाल सकी। कुछ ही देर में वह पानी में समा गए।
घटना से घबराई पत्नी किसी तरह वहां से बाहर निकली और गांव पहुंचकर परिजनों तथा ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी।
पुलिस और DDRF ने शुरू किया रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में एनिकट पहुंचे। इसके बाद उरगा थाना पुलिस को सूचना दी गई। थाना प्रभारी नवीन पटेल ने पुलिस टीम को मौके पर भेजा। नगर सेना की DDRF टीम को भी रेस्क्यू के लिए बुलाया गया।
टीम ने शनिवार शाम से ही एनिकट में युवक की तलाश शुरू कर दी। पानी का तेज बहाव और गहराई अधिक होने के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी मुश्किलें आईं। देर शाम तक तलाश जारी रही, लेकिन धरम का कोई सुराग नहीं मिल सका।
दूसरे दिन पानी से निकाला गया शव
रविवार 20 सितंबर की सुबह DDRF टीम ने दोबारा तलाश अभियान शुरू किया। कई घंटे की मशक्कत के बाद टीम ने धरम धनुहार का शव एनिकट के पानी से बरामद कर लिया।
शव मिलने की खबर के बाद परिवार में मातम छा गया। पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल के अनुसार, शव बरामद कर लिया गया है और पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ग्रामीणों ने उठाई सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने की मांग
हादसे के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने कुदुरमाल एनिकट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि एनिकट के गहरे और खतरनाक हिस्सों में चेतावनी बोर्ड लगाए जाने चाहिए।
ग्रामीणों के मुताबिक, यहां कई लोग मछली पकड़ने और घूमने के लिए पहुंचते हैं, लेकिन पानी की गहराई और तेज बहाव की सही जानकारी नहीं होने से हादसे का खतरा बना रहता है। उनका कहना है कि प्रशासन की ओर से चेतावनी संकेतक और अन्य जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
