खाद्य पदार्थों में मिलावट पर फूटा गुस्सा, प्रधानमंत्री को भेजा पत्र… जहरीली मिलावट करने वालों के लिए मांगी सबसे कड़ी सजा

इंदौर। खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट को लेकर अब केंद्र सरकार से सख्त कानून बनाने की मांग उठी है। नागरिक आलोक ने प्रधानमंत्री को पत्र भेजकर जानबूझकर गंभीर और जीवनघातक मिलावट करने वालों के खिलाफ कठोरतम कानूनी कार्रवाई का प्रावधान किए जाने की मांग की है।

दूध से लेकर मसालों तक मिलावट पर चिंता

पत्र में कहा गया है कि दूध, घी, तेल, मसाले, मिठाइयों और अन्य जरूरी खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामले लगातार सामने आते रहते हैं। ऐसी मिलावट आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

आलोक ने मांग की है कि खाद्य मिलावट के खिलाफ केंद्र सरकार की ओर से एक प्रभावी और कठोर विधेयक संसद में लाया जाए। खास तौर पर ऐसे मामलों में, जहां कोई व्यक्ति जानबूझकर जहरीले या जीवन के लिए घातक पदार्थ खाद्य सामग्री में मिलाता है, वहां बेहद कड़े दंड का प्रावधान किया जाए।

गंभीर मामलों में मृत्युदंड की भी मांग

पत्र में गंभीरतम मामलों में मृत्युदंड सहित कठोरतम सजा के प्रावधान पर विचार करने की मांग की गई है। इसके साथ ही दोषी कंपनियों और प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द करने, भारी आर्थिक जुर्माना लगाने तथा अन्य कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की बात कही गई है।

मौजूदा कानूनों को और प्रभावी बनाने की मांग

आलोक ने खाद्य सुरक्षा से जुड़े मौजूदा कानूनों को और अधिक प्रभावी बनाने तथा उनकी निगरानी और सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग की है।

पत्र में कहा गया है कि खाद्य पदार्थों में जानबूझकर गंभीर मिलावट करने वालों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई होनी चाहिए, जिससे लोगों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ करने वालों में कानून का भय पैदा हो।

उन्होंने जनहित और देशहित में खाद्य पदार्थों में गंभीर एवं जीवनघातक मिलावट के मामलों में कठोर कानूनी प्रावधानों के लिए आवश्यक विधायी कदम उठाने की मांग की है।