4 अगस्त को रायपुर में बड़ा प्रदर्शन! PVTGs समाज का राजभवन और CM हाउस तक मार्च, सरकार के सामने रखी जाएंगी 5 बड़ी मांगें

अंबिकापुर/रायपुर। छत्तीसगढ़ की सातों विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) ने सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में अपने लिए पूर्व से लागू विशेष प्रावधानों को बहाल करने की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है। समाज के पदाधिकारी और अभ्यर्थी 4 अगस्त 2026 को रायपुर के कलेक्टर परिसर गार्डन में एकत्रित होंगे और वहां से राजभवन एवं मुख्यमंत्री निवास तक विशाल पैदल मार्च निकालकर अपनी पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे।

PVTGs समाज के प्रदेश अध्यक्ष उदय कुमार पण्डो ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के विज्ञापन में विशेष पिछड़ी जनजातियों को पूर्व में दी जाने वाली आरक्षण और अन्य सुविधाओं का कोई उल्लेख नहीं किया गया है। इससे हजारों योग्य अभ्यर्थियों के भर्ती प्रक्रिया से बाहर होने की आशंका पैदा हो गई है।

इन जनजातियों के लोग होंगे आंदोलन में शामिल

इस आंदोलन में पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार, अबुझमाड़िया, बिरहोर, भुंजिया और पण्डो जनजाति के पदाधिकारी एवं अभ्यर्थी बड़ी संख्या में शामिल होंगे।

PVTGs समाज ने गिनाईं ये बड़ी समस्याएं

समाज का कहना है कि वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में कई महत्वपूर्ण सुविधाएं समाप्त कर दी गई हैं, जिससे विशेष पिछड़ी जनजाति के युवाओं को नुकसान हो रहा है। प्रमुख समस्याएं इस प्रकार हैं—

  • ऑनलाइन आवेदन फॉर्म में PVTGs के लिए अलग विकल्प नहीं दिया गया।
  • अनुसूचित जनजाति (ST) के कुल पदों में से 20 प्रतिशत आरक्षण PVTGs के लिए नहीं रखा गया।
  • टीईटी, डीएलएड और बीएड की योग्यता में मिलने वाली छूट तथा नियुक्ति के बाद पांच वर्षों में योग्यता पूरी करने की सुविधा समाप्त कर दी गई।
  • पहले भर्ती हुए करीब 400 से 500 सहायक शिक्षक डीएलएड नहीं कर पा रहे हैं, जिससे उनका स्थायीकरण अटका हुआ है।
  • डीएलएड पूरा कर चुके कई अभ्यर्थियों को भी 12वीं में 45 प्रतिशत से कम अंक होने के कारण प्रशिक्षित शिक्षक का दर्जा नहीं मिल रहा है।

सरकार के सामने रखी जाएंगी ये 5 मांगें

PVTGs समाज ने सरकार से मांग की है कि—

  • सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के आवेदन फॉर्म में PVTGs के लिए अलग विकल्प फिर से जोड़ा जाए।
  • ST वर्ग के कुल पदों में से 20 प्रतिशत पद PVTGs के लिए आरक्षित किए जाएं।
  • टीईटी, डीएलएड और बीएड की योग्यता में छूट देते हुए नियुक्ति के पांच वर्ष के भीतर इसे पूरा करने की सुविधा दी जाए।
  • पहले भर्ती हुए 400 से 500 सहायक शिक्षकों के लिए विभागीय डीएलएड की व्यवस्था की जाए।
  • डीएलएड पूरा कर चुके अभ्यर्थियों को 12वीं में 45 प्रतिशत से कम अंक होने के बावजूद प्रशिक्षित श्रेणी में मान्यता दी जाए।

सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग

PVTGs समाज का कहना है कि विशेष पिछड़ी जनजातियां सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से बेहद कमजोर वर्ग में आती हैं। इसलिए सरकार को इन पांचों मांगों पर जल्द निर्णय लेकर संबंधित विभाग को आवश्यक निर्देश जारी करने चाहिए, ताकि हजारों युवाओं का भविष्य सुरक्षित हो सके।

इस आंदोलन में प्रदेश अध्यक्ष उदय पण्डो, संभागीय उपाध्यक्ष राजकुमार पण्डो, संभागीय सचिव गुड्डू राम पण्डो, जिला अध्यक्ष विधि पण्डो सहित बड़ी संख्या में पण्डो और पहाड़ी कोरवा समाज के महिला-पुरुष पदाधिकारी एवं अभ्यर्थी शामिल रहेंगे।