पंचायत चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा दांव! OBC आयोग गठन को मंजूरी, कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले

लखनऊ। मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े और अहम फैसलों पर मुहर लगी। लोक भवन में आयोजित बैठक में कुल 12 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें पंचायत चुनाव से लेकर मेट्रो परियोजनाएं, बिजली ढांचा और छात्रों के भत्ते तक शामिल हैं।

सबसे बड़ा फैसला पंचायत चुनाव को लेकर लिया गया, जहां सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग (OBC Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि यह फैसला आगामी पंचायत चुनावों से पहले बेहद अहम साबित हो सकता है।

जानकारी के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के आदेश के बाद यह आयोग गठित किया जा रहा है। आयोग को छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी, जिसके आधार पर पंचायत चुनाव में आरक्षण तय किया जाएगा।

सरकार ने साफ किया है कि आयोग के अध्यक्ष हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज होंगे, जबकि आयोग में पांच सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। इनका कार्यकाल छह महीने का रहेगा।

कैबिनेट बैठक में छात्रों के हित में भी बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने पशु चिकित्सा यानी वेटनरी छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता तीन गुना बढ़ाने का फैसला किया है। अब तक मिलने वाला 4 हजार रुपये प्रतिमाह भत्ता बढ़ाकर 12 हजार रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा योगी कैबिनेट ने कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी। मिर्जापुर में 765/400 केवी उपकेंद्र निर्माण प्रस्ताव पास किया गया, जिससे बिजली व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लेते हुए लोहिया संस्थान में 1010 बेड का अत्याधुनिक इमरजेंसी सेंटर बनाने को मंजूरी दी गई है।

वहीं शहरी परिवहन को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। आगरा मेट्रो रेल प्रोजेक्ट से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही लखनऊ मेट्रो ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के DPR को भी हरी झंडी दे दी गई है। इसके तहत चारबाग से वसंतकुंज तक मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाएगा।

योगी सरकार के इन फैसलों को पंचायत चुनाव से पहले बड़ा प्रशासनिक और राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

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